अमृतसरः शहर में ई-रिक्शा की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और जिले के ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए अमृतसर ट्रैफिक पुलिस ने ई-रिक्शा पर अलग-अलग नंबर लगा दिए थे और नियम तोड़ने वालों पर भारी चालान भी किए जा रहे हैं जिसको लेकर अब ई-रिक्शा मालिकों ने एडीसीपी हरपाल सिंह से मुलाकात की।
जानकारी देते हुए ई-रिक्शा मालिकों ने बताया कि उन्होंने 5 से 10 ई-रिक्शा रखे हैं तथा वे अपने ई-रिक्शा को किराये पर देते हैं। हालांकि, पुलिस ई-रिक्शा पर 10,000 से 15,000 रुपये तक का चालान ठोक रही है जिसे एक अकेले व्यक्ति के लिए भरना बहुत मुश्किल है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह पहले भी एडीसीपी हरपाल सिंह से मिले थे और एडीसीपी हरपाल सिंह ने तब कहा था कि अगर कोई भी ई-रिक्शा चालक गलती करता है तो उस पर 500 रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा, लेकिन अब हर बैटरी रिक्शा पर 10 या 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जा रहा है, जिसे चुकाना बहुत मुश्किल है। उन्होंने आज फिर से एडीसीपी हरपाल सिंह से मांग की कि इन जुर्मानों को कम किया जाए ताकि हम कुछ कमाई कर सकें, नहीं तो सारी कमाई इन जुर्माने में ही जाएगी।
वहीं इस मामले पर बोलते हुए एडीसीपी हरपाल सिंह ने कहा कि शहर में कुछ व्यापारी बैटरी ई-रिक्शा खरीदकर उन्हें किराए पर भेजते हैं। वह व्यापारी ई-रिक्शा चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं देखते और उन्हें किराए पर ई-रिक्शा दे देतें हैं जिस कारण कई लोग ऐसे हैं जो बिना लाइसेंस के वाहन चला रहे हैं, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि हमने इन व्यापारियों से भी अपील की है कि शहर में पहले ही ई-रिक्शा बहुत ज्यादा हो गए हैं और अब वे इस कारोबार पर कम ध्यान दें। यूनियन और उन्होंने बैटरी रिक्शा चालकों को भी निर्देश दिया कि वे अपने ई-रिक्शा पर स्टिकर लगाएं और वर्दी भी पहनें ताकि वे पुलिस कर्मी उनका किसी भी तरह से चालान न कर सकें। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा मालिकों ने उनकी बात पर गौर किया और सोमवार तक सभी नियमों पर अमल करने का समय मांगा है।