नई दिल्ली: अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पद संभालते ही पूरी दुनिया के अपने सबसे बड़े फैसले से चौंका दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने आदेश जारी कर WHO यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन से अमेरिका को बाहर कर दिया है। ट्रंप ने इसके लिए एक कार्यकारी आदेश पर साइन भी कर दिए हैं। ट्रंप ने कहा है कि WHO ने अमेरिका को ठगा है, हर कोई अमेरिका को ठगता है। हालांकि WHO की तरफ से इस आदेश पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। ट्रंप ने कई बड़े फैसले लिए है।
शपथ ग्रहण के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने थर्ड जेंडर यानी ट्रांसजेंडर की मान्यता रद्द कर दी है। उनका कहना था कि अब अमेरिका में सिर्फ दो जेंडर होंगे, पुरुष और महिला। वहीं कोरोना काल के बाद अमेरिका अवैध प्रवासियों का पसंदीदा अड्डा बन चुका है। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप ने न सिर्फ अमेरिका में अवैध प्रवासियों की एंट्री बैन करने का दावा किया है बल्कि अमेरिका में रह रहे अवैध प्रवासियों को देश से निकालने का भी वादा किया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के दक्षिणी बॉर्डर यानी मेक्सिको के आसपास इमरजेंसी लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप का मानना है कि मेक्सिको के रास्ते ही अवैध प्रवासी अमेरिका में घुसते हैं। चुनाव प्रचार के दौरान भी ट्रंप इस बॉर्डर पर दीवार बनाने की बात कह चुके हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वो पनामा नहर भी वापस लेंगे। इसे गिफ्ट के तौर पर पनामा देश को नहीं देना चाहिए था। पनामा नहर को चीन ऑपरेट कर रहा है।
हमने इसे पनामा देश को दिया था न कि चीन को। इसलिए अब हम इसे वापस लेंगे। मेक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर अमेरिका की खाड़ी कर दिया जाएगा। गल्फ ऑफ अमेरिका सुनने में ज्यादा अच्छा लगता है। दूसरे देशों को अमीर बनाने के लिए हम अपने देश के लोगों पर टैक्स लगाते हैं। मगर अब अपने देश को अमीर बनाने के लिए हम दूसरे देशों पर टैक्स और टैरिफ लगाएंगे। ट्रंप के अनुसार क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने वाली न्यू ग्रीन डील को खत्म कर दिया जाएगा।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में इलेक्ट्रॉनिक वाहन खरीदने की बाध्यता नहीं रहेगी और हर कोई अपने मन की कार खरीद सकेगा। अमेरिका का हेल्थ और एजुकेशन सिस्टम चरमराने लगा है। इसलिए अमेरिका में आज से सब बदलने वाला है। यह सबकुछ काफी तेजी से बदलेगा। मंगल ग्रह पर अंतरिक्ष यात्री भेजेंगे। अमेरिका का सितारों वाला झंडा मंगल ग्रह पर लहराया जाएगा। डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में विदेशी शत्रु अधिनियम 1798 लागू करने का ऐलान किया है। इसे आखिरी बार दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान लागू किया गया था। इस अधिनियम के तहत जापान, जर्मनी और इटली के गैर अमेरिकी नागरिकों को बंदी बनाया गया था।
ट्रंप का कहना है कि वो आपराधिक गिरोहों को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित करेंगे। डोनाल्ड ट्रंप के इस कदम का मतलब है कि अब अमेरिका 12 महीने के भीतर संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी को छोड़ देगा और WHO को वित्तीय सहायता भी बंद कर देगा। संयुक्त राज्य अमेरिका अब तक WHO का सबसे बड़ा वित्तीय सहायक रहा है, जो इसके कुल वित्त पोषण का लगभग 18% योगदान देता है। 2024-2025 के लिए WHO का सबसे हालिया दो साल का बजट 6.8 बिलियन डॉलर था।
विश्व स्वास्थ्य संगठन से बाहर होने का फैसला लेते हुए ट्रंप ने कहा कि WHO कोरोना और दूसरे अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य संकटों को ठीक से नहीं संभाला है। ट्रम्प ने कहा कि WHO सदस्य देशों के राजनीतिक प्रभाव के चलते खुद के विवेक से काम नहीं कर पाया है। इसके बावजूद वो अमेरिका से भारी भुगतान की मांग कर रहा है, जो गलत है। ये चीन जैसे दूसरे बड़े देशों की दी गई राशि से अनुपातहीन है।