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कुटलैहड़ के होटल हवेली जोगी पंगा में स्व रामनाथ शर्मा की पुण्य स्मृति पर चल रही श्रीमद भागवत कथा

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जिलाधीश ऊना जतिन लाल सहित पहुंचे बड़े प्रशासनिक अधिकारी

ऊना/सुशील पंडित:  कुटलैहड़ विस क्षेत्र के होटल हवेली जोगी पंगा में पूर्व विधान सभा उपाध्यक्ष स्व पंडित रामनाथ शर्मा के पुण्य स्मृति पर चल रही श्री मद भगवत कथा के चतुर्थ दिवस पर आयोजिक कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा उनकी धर्म पत्नि मृदु शर्मा एवं परिवार सहित पूजा अर्चना की। ओर विद्वानों के साथ व्यास पीठ का आशीर्वाद लिया।

बही कथा के चतुर्थ दिवस पर बाल कृष्ण भगवान के जन्मोत्सव पर पूरा पंडाल झूम उठा। बहुत सुंदर झांकी के साथ बाल कृष्ण भगवान को पंडाल तक लाया गया। ओर सुंदर सुंदर भजनों के साथ कथा व्यास आचार्य शिव शास्त्री ने भगवान श्री की महिमाओ का गुणगान किया।  कथा के चतुर्थ दिवस पर कथा व्यास आचार्य शास्त्री ने कहा कि माता अदिति ने भगवान विष्णु की तपस्या के बाद हिरण्याक्ष और हिरण्यकश्यप को अपने गर्भ से सौ वर्षों के लंबे अंतराल के बाद जन्म दिया। यह प्रसंग भक्तों के लिए प्रेरणादायक रहा। कथा में बताया गया कि हिरण्याक्ष और हिरण्यकश्यप के जन्म के पीछे भगवान विष्णु की दिव्य योजना थी, जिनका उद्देश्य पृथ्वी पर असुरत्व और धर्म के बीच संतुलन स्थापित करना था। कथा व्यास ने कहा कि हिरण्याक्ष और हिरण्यकश्यप ने अपने जीवनकाल में धर्म और अधर्म के बीच संघर्ष का एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किया।

हिरण्याक्ष ने पृथ्वी को पाताल में छिपा दिया था, जिसे भगवान विष्णु ने वराह अवतार लेकर पुनः स्थापित किया। वहीं, हिरण्यकश्यप को भगवान नृसिंह ने अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए मार गिराया।कार्यक्रम में भागवत कथा सुनने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे। आयोजकों के अनुसार, इस चौथे दिवस पर हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। ज्ञात रहे पूर्व में विधान सभा उपाध्यक्ष रहे स्वर्गीय रामनाथ शर्मा की पुण्य स्मृति को समर्पित इस कार्यक्रम में परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने मिलकर आयोजन की व्यवस्था की। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की और कथा से प्राप्त संदेशों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में भागवत कथा के साथ-साथ समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के महत्व पर भी जोर दिया गया। आचार्य शिव कुमार शास्त्री ने कहा कि भागवत कथा हमें धर्म, सत्य, करुणा और समर्पण का पाठ पढ़ाती है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने जीवन में धर्म के मार्ग पर चलें और दूसरों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहें। भागवत कथा के समापन के दिन हवन और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। कथा के इस अनोखे आयोजन ने न केवल स्थानीय लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की, बल्कि धर्म और संस्कृति के प्रति उनकी आस्था को भी प्रगाढ़ किया। बही कथा विराम के बाद हजारों श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद भी ग्रहण किया। इस अवसर पर स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और स्वर्गीय रामनाथ शर्मा के जीवन और उनके योगदान को याद किया।

श्रद्धालुओं ने कथा के माध्यम से आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया और इसे अपने जीवन का एक अमूल्य क्षण बताया। इस मौके पर जिलाधीश ऊना जतिन लाल , एएसपी ऊना सुरेन्द्र शर्मा, एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल,खंड बिकास अधिकारी बंगाणा सुशील कुमार,तहसीलदार बंगाणा अमित कुमार, कुटलैहड़ कांग्रेस अध्यक्ष राम आसरा शर्मा,विवेक मिंका,देसराज मोदगिल, देसराज गौतम,शोभित गौतम, सुभाष,जोगेंद्र देव आर्य,अनिल ठाकुर ,रजनीश शर्मा, सुरेन्द्र के साथ हजारों श्रद्धालूओं ने कथा श्रवण की।

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