पटियालाः पातड़ा स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब में संयुक्त किसान मोर्चा राजनीतिक और संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक के किसान नेताओं की बैठक शुरू हुई। संयुक्त किसान मोर्चा राजनीतिक द्वारा आयोजित मोगे की महा किसान पंचायत में निर्णय लिया गया था कि संयुक्त किसान मोर्चा के गैर राजनीतिक किसानों के बीच एकता का आह्वान किया जाएगा और दिल्ली आंदोलन की तरह संयुक्त किसान के सभी किसान संगठन मोर्चा को कृषि संघर्ष में शामिल होना चाहिए।
लेकिन बलबीर सिंह राजेवाल पातड़ां में किसान संगठनों के संयुक्त मंच की हो रही बैठक से निकल गए हैं और इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। इसी बैठक में एसकेएम के प्रमुख नेता बलबीर सिंह राजेवाल भी शामिल थे, लेकिन अचानक वे इस बैठक को बीच में ही छोड़कर चले गए। इस संबंध में उन्होंने पत्रकारों से बात नहीं की, जबकि किसान संगठनों के अन्य नेताओं ने बताया है कि बलवीर सिंह राजेवाल को कुछ जरूरी काम था, जिसके चलते उन्हें जाना पड़ा।
मोगा में महापंचायत में संयुक्त किसान मोर्चा राजनीतिक के 7 किसान नेताओं ने एकता का प्रस्ताव पारित किया था। जहां 10 जनवरी को 101 किसानों के एक समूह को खनौरी और शंभू की सीमा पर जाकर एकता का संकल्प दिया गया।बताया जा रहा है कि इस मीटिंग में किसानों की मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ किस तरह से लड़ाई लड़ी जाएगी यह रणनीति तय की जानी है। किसानों की कुछ और नई मांगें जोड़ी जाएंगी और कौन-सा संगठन किस तरह से और कहां-कहां प्रदर्शन करेगा, इसकी अगली रणनीति तैयार की जाएगी।