चंडीगढ़ः सुप्रीम कोर्ट में 26 नवंबर से अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को लेकर आज सुनवाई हुई। सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने अपने 20 दिसंबर के आदेश का पालन करने के लिए 6 जनवरी की तारीख तय की है, जिसमें पंजाब सरकार को चिकित्सा सहायता प्रदान करने और किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को अस्पताल में भर्ती करने का निर्देश दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव को सोमवार तक अनुपालन हलफनामा दाखिल करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पंजाब सरकार डल्लेवाल को यह क्यों नहीं समझा पा रही है कि अस्पताल में उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। आज हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कुछ किसान नेताओं के बयान गैरजिम्मेदाराना हैं और हम ऐसे नेताओं के इरादों के बारे में पता हैं।
वहीं दूसरी ओर सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर केंद्र सरकार से किसानों की बातचीत फिर से शुरू होने की आस में बैठी पंजाब सरकार को बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आंदोलनरत किसानों से बातचीत करने के सवाल पर कहा कि देश के किसान संगठनों से हमारी बात होती रहती है। अश्विनी वैष्णव के बयान से पंजाब सरकार सकते में है।
सरकार को उम्मीद थी कि केंद्र किसानों से बातचीत शुरू करने संबंधी बयान देगा, जिससे आमरण अनशन पर बैठे जगजीत सिंह डल्लेवाल चिकित्सा सुविधा लेने के लिए तैयार हो जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की अवमानना से बचने के लिए अब पंजाब सरकार डल्लेवाल को जबरन अस्पताल में भर्ती करवा सकती है। वहीं, पूर्व एडीजीपी जसकरण सिंह व डीआईजी मनदीप सिंह सिद्धू ने खनौरी में किसान मोर्चा के साथ बैठक कर डल्लेवाल को चिकित्सा सुविधा लेने के लिए राजी करने की अपील की, पर बैठक बेनतीजा रही।