बठिंडाः जिले में फैक्ट्री में पैरों से कुचलकर गच्चक बनाने की वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही थी। वहीं वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया और उन्होंने मामले की जांच की। जांच के दौरान पता चला है कि घटना गोनियाना मंडी में स्थित फैक्ट्री की है जोकि बिना लाइसेंस के चल रही थी। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए फैक्टरी को अब सील कर दिया है। दरअसल, पिछले दिनों एक समाजसेवी द्वारा वीडियो बनाकर वायरल कर दिया था।
इस फैक्ट्री में मशीनों की जगह इंसानी हाथों से गजक तैयार की जा रही थी और मूंगफली का छिलका उतारने के लिए पैरों से कुचला जा रहा था। जिसके बाद वीडियो पर कार्रवाई करते हुए जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने आदेश दिए। जिसके बाद स्वास्थ्य इंस्पेक्टर नवदीप सिंह चहल की अगुआई में इस फैक्ट्री पर छापा मारा गया। मौके पर साढ़े 4 क्विंटल गजक बरामद हुई, जिसे सील कर दिया गया और सैंपल ले लिए गए।
एडीसी जनरल पूनम ने कहा कि वीडियो उनके ध्यान में आई है और पता चला कि वीडियो गोनियाना मंडी है। जिसके बाद उन्होंने जांच के आदेश दे दिए है। वहीं अन्य फैक्टरियों में भी जांच करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बठिंडा गच्चक के कारण काफी मशहूर है। जांच के दौरान पाया गया कि इस फैक्ट्री के मालिक के पास कोई लाइसेंस नहीं था और यह फैक्ट्री पूरी तरह से अवैध तरीके से चल रही थी। वहीं स्वास्थ्य अधिकारी नवदीप सिंह ने बताया कि मौके पर निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि गजक बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह से अनधिकृत थी।
उन्होंने कहा कि गजक अनहाइजेनिक पाई गई है। जिसके सैंपल ले लिए गए हैं। यहां सफाई का कोई भी उचित प्रबंध नहीं था। कार्रवाई के तहत फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। साथ ही वहां पाई गई गच्चक को भी सील किया गया है। इसके अतिरिक्त, फैक्ट्री के मालिक विनोद कुमार का चालान काटकर बठिंडा एडीसी कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया गया है। डीएचओ अमृतपाल सिंह ने बताया कि फैक्ट्री को सैंपल लेने के बाद सील कर दिया है। गच्चक अनहाइजेनिक पाई गई है। फैक्ट्री मालिक का जो चालान काटा गया है उसकी सुनवाई एडीसी की अदालत में होगी। जिसमें उसका 10 हजार से लेकर एक लाख रुपए तक जुर्माना हो सकता है।