चंडीगढ़ः फर्जी मुठभेड़ व हत्या के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत आज फैसला सुनाएगी। 1992 में तरनतारन से जुड़े दो युवकों का अपहरण कर फर्जी एनकाउंटर किया गया था। अदालत इस मामले में तत्कालीन थाना सिटी तरनतारन के प्रभारी गुरबचन सिंह, एएसआई रेशम सिंह व पुलिस मुलाजिम हंस राज सिंह को दोषी ठहरा चुकी है। तीनों दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। हालांकि इस मामले की सुनवाई के दौरान दिसंबर 2021 में एक आरोपी पुलिसकर्मी अर्जुन सिंह की मृत्यु हो गई थी।
सीबीआई की ओर से दाखिल की चार्जशीट के मुताबिक जगदीप सिंह उर्फ मक्खन को एचएचओ गुरबचन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उन्हें अगवा कर लिया था। अपहरण से पहले पुलिस ने घर पर फायरिंग की और गोली लगने से मक्खन की सास सविंदर कौर की मौत हो गई। यह घटना 18 नवंबर 1992 की है। इसी तरह गुरनाम सिंह उर्फ पाली को गुरबचन सिंह और अन्य पुलिस अधिकारियों ने 21 नवंबर 1992 को उनके घर से उनका अपहरण कर लिया। फिर 30 नवंबर 1992 को फर्जी पुलिस मुठभेड़ में हत्या कर दी थी।