जालंधर, ENS: पंजाब सरकार द्वारा आज जालंधर में नशा मुक्त रंगला पंजाब मुहिम की शुरूआत की गई। इस मुहिम को लेकर जालंधर में पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया पहुंचे। मिली जानकारी के अनुसार नशे के खिलाफ यह मुहिम ब्यास गांव से भठे गांव तक निकाली जाएंगी। इस मुहिम में पैदल मार्च निकाला जाएगा। जिसके बाद कल भठे गांव से करतारपुर तक नशे के खिलाफ पैदल मार्च निकाला जाएगा। वहीं नशा मुक्त रंगला पंजाब मुहिम को लेकर जालंधर पहुंचे पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने पैदल मार्च यात्रा शुरू कर दी है।
वहीं मीडिया से बात करते हुए पंजाब के गवर्नर ने कहा कि यह लेखक कुशल सिंह का है और वह उनके साथ इस मुहिम में जुड़े है। इस दौरान वह पैदल यात्रा में पंजाब की जनता से अपील करना चाहते है कि यह अभियान आप सभी लोगों का अभियान बनें। उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिए वह आने वाली पीढ़ी को नशे से मुक्त करवाने में मदद कर सकें। वहीं पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने हाल ही में इस नशा मुक्त मुहिम को लेकर कहा था कि राज्यपाल (गवर्नर) जो यात्रा निकाल रहे है यह उनका काम नहीं है।
वहीं राजा वडिंग ने राज्यपाल पर तंज कसते हुए कहा कि वह अगले चुनावों में चुनाव लड़ने को लेकर यात्रा निकाल रहे है। राजा वडिंग के सवाल का जवाब देते हुए राज्यापाल ने कहा कि कानून सब प्रकार के बने हुए है, लेकिन सभी अपराधों को खत्म एक साथ नहीं किया जा सकता। राज्यपाल ने कहा कि जब तक जन आंदोलन नहीं चलता तब तक सरकार को किसी भी बुराई को रोकने में सौ प्रतिशत सफलता नहीं मिलती है।
राज्यपाल ने कहा कि कई लोग और कई नेता नशा रोकने के लिए प्रयत्न कर रहे है, ऐसे में वह तो पंजाब के राज्यपाल है और उनकी भी जिम्मेदारी बनती है कि पंजाब को नशा मुक्त करके रंगला पंजाब बनने में सहयोग करें। वहीं 2 दिन की यात्रा को लेकर विपक्ष द्वारा तंज कसने को लेकर राज्यपाल ने कहा कि यह उनकी सोच है, लेकिन वह सोच रहे है कि पंजाब की आने वाली पीढ़ी को कैसे बचाया जा सके, इसके लिए वह इस मुहिम में शामिल होने के लिए जालंधर पहुंचे है और पैदल यात्रा निकाल रहे है।
नशे को खत्म करने लेकर राज्यपाल ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है, लेकिन जब तक जनता इस बुराई को खत्म करने के लिए साथ जुड़ेंगे नहीं तब तक सफलता हासिल नहीं होगी। राज्यपाल ने कहा कि इसलिए हम सोचते है कि प्रत्येक प्रकार के अभियान में जनता को जोड़कर अभियान को शुरू किया जाए तो आप सफल हो सकते हों। वहीं इस मुहिम को लेकर उन्होंने कहा कि इस पर कई संस्थाएं काम कर रही है और कई लोगों ने नशे को खत्म करने के लिए प्रत्यन भी किए है। उन्होंने कहा कि अगर एक भी व्यक्ति इस मुहिम को लेकर प्रयास नहीं करता तो कम से कम नुकसान होने की ज्यादा संभावना तो थी।
राज्यपाल ने कहा कि अगर वह इस मुहिम में सौ प्रतिशत सफल भले नहीं हुए लेकिन 2 कदम तो उन्होंने आगे बढ़ाएं है। उन्होंने कहा कि अच्छा काम करते रहने चाहिए, यह मत सोचों की सफलता कब मिलेगी। वहीं राज्यपाल ने कहा कि वह सोचते है कि केंद्र सरकार की जो नशा मुक्ति की योजना है उसकी सैकेटरी राधा से उनकी मुलाकात हुई थी। इस दौरान उन्होंने राधा से बात की थी कि अगर उनकी ओर से आर्थिक मदद मिल जाए तो इस अभियान को हम ओर तेजी से आगे बढ़ा सकते है। इस दौरान उन्होंने 27 को अमृतसर में एक कार्यक्रम तय किया था, जिसमें कई सारे बच्चों को जोड़ने की कोशिश की थी। जिसके बाद अब 11 तारीख को यह मुहिम रखी गई है। इस अभियान को बड़े कार्यक्रम के रूप में रखा जाएगा, जिसमें केंद्र के मंत्री सहित कई अधिकारी मुहिम में शामिल होंगे।