पटियाला: पंजाब और हरियाणा सीमा के शंभु बॉर्डर पर सुरक्षाकर्मियों द्वारा दागे गए आंसू गैस के गोले के कारण कुछ किसानों के घायल होने के बाद शुक्रवार को प्रदर्शनकारी किसानों ने दिल्ली के लिए अपना पैदल मार्च स्थगित कर दिया। शंभू बॉर्डर से 101 किसानों के एक जत्थे ने शुक्रवार को दिल्ली के लिए पैदल मार्च शुरू किया। हालांकि, कुछ मीटर बाद ही बहुस्तरीय अवरोध लगाकर रोक दिया गया। जब कुछ किसान शंभू बॉर्डर पर हरियाणा की ओर लगाए गए अवरोधकों के पास पहुंच गए, तो सुरक्षाकर्मियों ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। किसान संगठनों का दावा कि इस दौरान 15 किसान जख्मी हुए हैं, इनमें से 8 अस्पताल में भर्ती हैं।
प्रेस कांफ्रैंस को संबोधित करते हुए किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि कुछ किसानों के घायल होने के मद्देनजर हमने आज के लिए ‘जत्था’ वापस बुला लिया है। किसानों का कल जाने वाला जत्था अब परसों जाएगा। 8 को दोपहर 12 बजे एक बार फिर 101 किसानों का जत्था आगे बढ़ेगा। पंधेर ने कहा कि हरियाणा पुलिस के एसपी ने आज हमसे पूछा था कि किस स्तर की बातचीत आप केंद्र सरकार से चाहते हैं तो हमने उन्हें बता दिया है कि हम किसी केंद्रीय मंत्री और खास तौर पर केंद्र सरकार के कृषि मंत्री से बातचीत के लिए तैयार होंगे।
हरियाणा पुलिस के एसपी ने हमें कहा है कि हमारी बात ऊपर पहुंचाई जाएगी। इसलिए हम एक दिन का केंद्र सरकार को वक्त देते हैं और अपने घायलों की स्थिति में सुधार और केंद्र सरकार से बातचीत के इंतजार के लिए अपने आंदोलन को एक दिन के लिए टालते हैं। हरियाणा पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा हम पुलिस से टकराव नहीं चाहते हैं या तो हमें दिल्ली जाने दिया जाए या केंद्र सरकार हमसे बातचीत करे। हरियाणा सरकार के अधिकारियों ने हमसे मांगपत्र मांगा है।