चंडीगढ़, 2 नवंबर 2024: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को भगवान विश्वकर्मा के प्रकाश दिवस पर दुनियाभर में बसे पंजाबियों को शुभकामनाएं दीं। यह दिन विश्वकर्मा दिवस के रूप में समर्पित है, जो पूरे भारत में कारीगरों, श्रमिकों और निर्माण कार्यों में लगे लोगों द्वारा बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भगवान विश्वकर्मा को “विश्व के शिल्पकार देवता” के रूप में संबोधित किया, जो सभी उद्योगों में उपयोग की जाने वाली मशीनरी और उपकरणों के निर्माता माने जाते हैं।
भगवान विश्वकर्मा को भारतीय शास्त्रों में सृष्टि का रचयिता और महान शिल्पकार माना जाता है। मुख्यमंत्री मान ने अपने संदेश में कहा कि भगवान विश्वकर्मा का जीवन और कार्य हमारे समाज में एक प्रेरणास्त्रोत हैं। उन्होंने कहा कि यह महान देवता हमारे कारीगरों, श्रमिकों और उद्योग में कार्यरत लोगों को मेहनत, लगन और अपने काम के प्रति गर्व का भाव देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा से प्रेरित होकर हमारे श्रमिक और कारीगर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं और यही उनके प्रति एक सच्ची श्रद्धांजलि है।
राज्य और राष्ट्र के लिए कारीगरों के योगदान की सराहना
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि कारीगरों और श्रमिकों का कार्य हमारी संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा, “श्रम और कौशल की पूजा करने की परंपरा हमारे देश में सदियों से चली आ रही है, और आज का दिन हमें यह याद दिलाता है कि किस प्रकार हमारे कारीगर और श्रमिक पूरे देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में जुटे हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि कारीगरों का योगदान न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश के विकास और आर्थिक उन्नति में सहायक है।
मुख्यमंत्री का संदेश: मेहनत और अनुशासन से बनेगा सशक्त पंजाब
भगवंत मान ने श्रमिकों और कारीगरों से अपील की कि वे अपनी मेहनत और अनुशासन को बनाए रखें और राज्य के बुनियादी ढांचे को और अधिक सशक्त बनाने के लिए योगदान देते रहें। उन्होंने कहा कि श्रम का महत्व केवल आर्थिक उन्नति तक सीमित नहीं है बल्कि यह हमारी समाजिक और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी नागरिकों को भगवान विश्वकर्मा की पूजा से प्रेरणा लेकर अपने कार्य के प्रति निष्ठा और अनुशासन का पालन करना चाहिए।
आधुनिक भारत में विश्वकर्मा दिवस का महत्व
आज के समय में जब भारत तेजी से औद्योगिक और तकनीकी प्रगति कर रहा है, भगवान विश्वकर्मा का योगदान और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह दिन हमें याद दिलाता है कि चाहे कितनी भी आधुनिक तकनीक आ जाए, श्रमिकों और कारीगरों का कौशल सदैव हमारी अर्थव्यवस्था और समाज की रीढ़ बना रहेगा।” उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे आधुनिक कौशल सीखें और भगवान विश्वकर्मा की सीख से प्रेरणा लें, ताकि वे राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें।
भगवान विश्वकर्मा की पूजा का महत्व केवल धार्मिक नहीं है बल्कि इसके गहरे सामाजिक और आर्थिक पहलू भी हैं। हमारे देश में छोटे-छोटे कारीगरों से लेकर बड़े उद्योगपतियों तक सभी भगवान विश्वकर्मा की पूजा करते हैं और उनके आशीर्वाद से नए कार्यों की शुरुआत करते हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विशेष रूप से कारीगरों और श्रमिकों की सामाजिक स्थिति को सुधारने पर जोर दिया और कहा कि राज्य सरकार उनके कल्याण के लिए कई योजनाएं चला रही है।
भगवान विश्वकर्मा के प्रति श्रद्धांजलि
भगवान विश्वकर्मा के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि राज्य की समृद्धि और विकास में भगवान विश्वकर्मा की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। उनके आशीर्वाद से ही हमारे कारीगर और श्रमिक बेहतर कार्य कर पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस दिन को कारीगरों और श्रमिकों के महत्व को समझने और उनके प्रति सम्मान जताने का अवसर बताया।