शिमला: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज सोलन जिला के कसौली में उतिष्ठ भारत सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित नशा-विरोधी जागरूकता अभियान संकल्प रथ यात्रा का शुभारंभ किया। इस पहल को बच्चों, परिवारों और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश और सामूहिक संकल्प के रूप में रेखांकित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण और सैन्य विरासत के लिए प्रसिद्ध कसौली की पहचान वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित की जानी चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि नशे की समस्या का सबसे चिंताजनक पहलू इसका युवाओं पर पड़ने वाला प्रभाव है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से कहा कि वह बच्चों के व्यवहार में होने वाले असामान्य बदलावों पर ध्यान दें, उनकी बात धैर्यपूर्वक सुनें और उन्हें परिवार के सहयोग का भरोसा दिलवाएं। उन्होंने कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी विकराल चुनौती का रूप ले चुका है। नशे सेे व्यक्ति का शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।

इस अवसर पर राज्यपाल ने समाज के लिए उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया। सांसद सुरेश कश्यप ने नशा विरोधी अभियान आयोजित करने के लिए इस ट्रस्ट को बधाई देते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में यह मुद्दा और भी महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि नशे के कारण परिवारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और परिवार अपने युवा बच्चों को खो रहे हैं। उन्होंने युवाओं से खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों के लिए अधिक समय देने का आग्रह किया।
