अमृतसरः श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज और पांच सिंह साहिबानों द्वारा एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। जत्थेदारों ने कहा कि गुरु साहिबानों ने हर सिख को उच्च और पवित्र चरित्र बनाए रखने का निर्देश दिया है और पंथ की ‘चढ़दी कला’ के लिए काम करने का सिद्धांत सिखाया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विभिन्न माध्यमों से सिख संस्थाओं को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति गलती करता है या सिख सिद्धांतों के विपरीत कार्य करता है, तो उस एक व्यक्ति की गलती के आधार पर पूरी संस्था को निशाना बनाना अनुचित है।
जत्थेदारों ने जोर दिया कि हर सिख को गुरु के प्रति श्रद्धा और सम्मान रखते अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए और गुरु से प्रार्थना करनी चाहिए कि उनका आचरण पवित्र और बेदाग रहे। दरअसल, हाल ही में श्री आनंदपुर साहिब से जुड़ा एक मामला पंथिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया था। एक महिला ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य अमरजीत सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे।
हालांकि इन आरोपों की जांच एक अलग मामला है, लेकिन सिख संस्था का प्रतिनिधित्व करने वाले किसी व्यक्ति के खिलाफ ऐसे आरोप लगने से सिख समुदाय की भावनाओं और संस्था की गरिमा पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता महसूस की गई।
विभिन्न सिख संगठनों और पंथिक हस्तियों के सुझावों के बाद 19 सितंबर को श्री अकाल तख्त साहिब में पंज सिंह साहिबानों की बैठक हुई। बैठक में सिख संस्थाओं की मर्यादा, गरिमा और जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते निर्देश जारी किए गए। महत्वपूर्ण बात यह है कि श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा जारी निर्देश में आरोपों को पहले से ही साबित नहीं माना गया है, बल्कि प्रस्तावित कार्रवाई में शामिल पक्षों और संस्था की गरिमा को ध्यान में रखा गया है।