शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल से भेंट की। इस दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश के विद्युत क्षेत्र से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण एवं लंबित मुद्दे केंद्रीय मंत्री के समक्ष उठाए और इनके शीघ्र समाधान का आग्रह किया।मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश के निःशुल्क विद्युत हिस्से की एवज में नवीकरणीय ऊर्जा प्रमाण-पत्र प्रदान करने का मामला प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य को निःशुल्क विद्युत हिस्से का उचित लाभ मिलना चाहिए और इस संबंध में आवश्यक स्पष्टीकरण एवं समाधान प्रदान किया जाना चाहिए।

उन्होंने सतलुज जल विद्युत निगम के निदेशक मंडल में हिमाचल प्रदेश की ओर से दो स्वतंत्र निदेशकों के नामांकन का मामला भी उठाया तथा राज्य के हितों को ध्यान में रखते हुए इस प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया। राज्य सरकार के आकलन के अनुसार, इस व्यवस्था से हिमाचल प्रदेश को लगभग 29.34 करोड़ रुपये का वार्षिक लाभ प्राप्त होने की संभावना है, जबकि अन्य लाभार्थी राज्यों पर लगभग 96.57 करोड़ रुपये का वार्षिक भार पड़ेगा। हिमाचल प्रदेश का अनुमानित शुद्ध वार्षिक लाभ लगभग 23.21 करोड़ रुपये होगा, जबकि अन्य लाभार्थी राज्यों पर टैरिफ प्रभाव लगभग 1.15 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

मुख्यमंत्री ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) द्वारा प्रदेश में अधिकृत ऐसी भूमि, जिसका वर्तमान में कोई उपयोग नहीं हो रहा है, को हिमाचल प्रदेश सरकार को उपयोग के लिए उपलब्ध करवाने का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसी भूमि का उपयोग सरकारी कार्यालयों के निर्माण तथा परियोजनाओं से विस्थापित लोगों के पुनर्वास और उन्हें भूमि उपलब्ध करवाने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने प्रदेश के व्यापक हित में ऐसी भूमि के उपयोग की अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया।