चंडीगढ़: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत राज्य की उल्लेखनीय उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा है कि हरियाणा में राष्ट्रीय औसत से साढ़े चार गुना अधिक बच्चों को इलाज और फॉलो-अप देखभाल की सुविधा दी जा रही है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में राज्य की 211 मोबाइल हेल्थ टीमों ने 22 जिलों के आंगनवाड़ी केंद्रों और सरकारी स्कूलों में 11.19 लाख बच्चों की सेहत की जांच की। इस दौरान 425 बच्चों की सुधारात्मक सर्जरी की गई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि (323 सर्जरी) की तुलना में 31.6 प्रतिशत अधिक है।
आरती सिंह राव ने बताया कि राज्य के 22 में से 20 जिलों ने अपने प्रदर्शन में सुधार किया है, जिससे हरियाणा का स्टेट इफेक्टिव कवरेज इंडेक्स 25.0 से बढ़कर 33.3 अंक हो गया है। सरकार ने पहले ही तीन महीनों में भारत सरकार द्वारा निर्धारित वार्षिक सुधारात्मक सर्जरी के लक्ष्य के आधे से अधिक हिस्से को पूरा कर लिया है। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, इन ऐतिहासिक परिणामों के पीछे बीते वर्ष 2025-26 में लागू किए गए तीन प्रमुख सुधार हैं।
पहला, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) स्तर पर विकेंद्रीकृत पुष्टिकरण शिविरों का आयोजन, जिससे बच्चों की बीमारी का समय पर निदान संभव हुआ। दूसरा,द्वितीयक और तृतीयक स्तर की सर्जरी के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SoP) की शुरुआत, जिसने प्रक्रिया को सरल बनाकर प्रतीक्षा समय को कम किया। उन्होंने रेखांकित किया कि पिछले एक दशक (2014-15 से 2023-24) के दौरान हरियाणा में मोबाइल हेल्थ टीमों ने 3.02 करोड़ बच्चों की स्क्रीनिंग की, जिनमें से 92.01 लाख स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान कर 45.31 लाख बच्चों को विशेषज्ञ देखभाल प्रदान की गई।
आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य के 22 में से 21 जिलों में कार्यात्मक डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (DEIC) मौजूद हैं, जिसने स्क्रीनिंग के साथ-साथ रेफरल क्षमता को भी मजबूत किया है। डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (DEIC) ऐसी जगहें हैं जहाँ स्क्रीनिंग के बाद बच्चे की बीमारी की पक्की पहचान, इलाज और आगे की देखभाल (फ़ॉलो-अप) की जाती है।स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने दोहराया कि राज्य सरकार हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।