जालंधर (Ens) : जालंधर के गांव सुभाना में धमकियों और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर व्यक्ति ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान गांव सुभाना के रहने वाले 45 वर्षीय विजय कुमार के रूप में हुई है। मृतक मंडी में खाना सप्लाई करने का काम करते थे। मृतक के पत्नी का आरोप है कि उनके बेटे पर दर्ज एनडीपीएस मामले में मदद करने के नाम पर पुलिस कर्मी और उसके दोस्त ने 50 हजार रुपये लिए लेकिन बेटे जेल में भेज दिया। काम न होने पर बाद में पैसे वापस मांगने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां दीं। इससे विजय कुमार पिछले कई दिनों से मानसिक तनाव में थे और उसके पति ने फंदा लगाकर जान दे दी।
मृतक की पत्नी रीतू ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले क्राइम ब्रांच की पुलिस ने उसके सन्नी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ एनडीपीएस का मामला दर्ज किया था। इसके बाद इलाके के सुक्खा, मेशी और सन्नी ( पुलिसकर्मी) समेत कुछ लोगों ने केस में मदद करने और मौके पर ही जमानत करवाने का दावा करते हुए उनसे 50 हजार रुपये लिए। परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने पहले 4 ग्राम नशीला पदार्थ होने की बात कही थी, लेकिन कोर्ट में पेशी के दौरान 5 ग्राम का मामला दर्ज होने की जानकारी मिली और सन्नी को जेल भेज दिया गया। महिला का आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर उसके पति को फोन पर धमकियां दी गईं। धमकियों से वह इतने परेशान हो गए और बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे उन्होंने मोबाइल में एक वीडियो रिकॉर्ड किया। वीडियो में उन्होंने अपनी मौत के लिए सुक्खा, मेशी, सन्नी (सीए) समेत 4-5 लोगों को जिम्मेदार ठहराया।
बेटे सन्नी ने बताया कि वह पिता के लिए बीड़ी लेने नीचे गया। कुछ देर बाद जब सन्नी वापस आया तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। जाली तोड़कर अंदर देखा तो पिता फंदे पर लटके मिले। परिजन उन्हें तुरंत पिम्स अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी और मामला दर्ज किया है। वहीं, परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है।
मृतक की पत्नी रीतू ने रोते हुए प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि उनके पति ने आरोपियों की धमकियों और कथित तौर पर ठगे गए 50 हजार रुपये से परेशान होकर यह कदम उठाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, परिवार शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।