विक्रम का पंजाब कैंप में हुआ चयन, 15 नवंबर को उदयपुर में खेलेंगे नेशनल टूर्नामेंट
जालंधरः जुनून एक ऐसी चीज है जिसके आगे सब कुछ झुक जाता है। एक बार मन में ठान लेने से सब कुछ पाया जा सकता है। एक ऐसी ही कहानी जालंधर के 17 वर्षीय विक्रम से जुड़ी है। विक्रम जन्म से ही दिव्यांग हैं। वे एक टांग से खेलते हैं। उनका चयन पंजाब कैंप के लिए हुआ है। डिफरेंटली एबल क्रिकेट काउंसिल ऑफ पंजाब के अध्यक्ष अरुण मोंटी ने बताया कि विक्रम बेहतर खिलाड़ी हैं। उन्हें पंजाब कैंप में ट्रेनिंग दी जाएगी। डिसएबिलिटी होने के बावजूद विक्रम ने खेल के जुनून को कम नहीं होने दिया। विक्रम सरकारी एमिनेंस स्कूल भार्गव कैंप में 11वीं का स्टूडेंट हैं। राजस्थान के उदयपुर में 15 नवंबर से दिव्यांग नेशनल टूर्नामेंट खेला जा रहा है, जिसमें पंजाब समेत 24 राज्यों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। उम्मीद है कि विक्रम भविष्य में नेशनल टूर्नामेंट का हिस्सा बनें।
विक्रम ने बताया क्रिकेट का शौक शुरू से ही था। घर के पास ही छोटे प्लाट में कचरे को साफ करके ग्राउंड तैयार की। मैदान पर अपने एक पैर और एक हाथ से दौड़ते बाएं हाथ से गेंदबाजी करता हूं। विक्रम ने बताया कि मेरा कोई कोच नहीं है, लेकिन तकनीकी रूप से एसोसिएशन ही गाइड कर रही है। बल्लेबाजी में समस्या होती है लेकिन टीम में सिर्फ गेंदबाज के रूप में शामिल हूं। गेंदबाजी के दौरान जब एक्शन लेता हूं तब कई बार हाथ भी नीचे जमीन से लगता है, जिससे चोट लगती है। पिता अश्वनी कुमार सर्जिकल एक्यूपमेंट का काम करते हैं और मां ममता अस्पताल में काम करती हैं।