लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उन्नाव से एक डिप्टी डायरेक्टर गंगा नदी में नहाने के दौरान डूबने का मामला सामने आया है। जहां, बताय़ा जा रहा है कि नानामऊ घाट पर शनिवार सुबह गंगा में नहाने उतरे स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर अचानक लापता हो गए। वह जब डूब रहे थे तो उनके दोस्तों ने गोताखोरों से मदद मांगी। गोताखोर डिप्टी डायरेक्टर को खोजने के एवज में उनके दोस्तों से पैसे मांगने लगे। दोस्तों ने गोताखोरों को 10 हजार रुपये दिए। रुपये मिलने के बाद वह स्टीमर से गंगा में खोजने उतरे, लेकिन तब तक स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर गंगा में लापता हो चुके थे। उनकी प्रोफाइल सामने आने के बाद पुलिस महकमा में हड़कम्प मच गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गोताखोरों और एसडीआरएफ टीम के साथ उनकी तलाश की मगर अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है।
उन्नाव के बेहटा मुजावर थाना क्षेत्र के कबीरपुर खंभौली गांव के 45 वर्षीय आदित्य वर्धन सिंह स्वास्थ्य विभाग में डिप्टी डायरेक्टर हैं और वाराणासी में तैनात हैं। शनिवार सुबह वह अपने दोस्तों इंदिरा नगर लखनऊ निवासी प्रदीप तिवारी, और पतासिया बांगरमऊ उन्नाव निवासी योगेश्वर मिश्रा के साथ बिल्हौर के नानामऊ घाट पर गंगा नहाने गए थे। आदित्य वर्धन सिंह गंगा में उतर गए लेकिन तेज बाहव और पानी में चक्र बनने के कारण वह डूबने लगे। उनके दोस्तों का आरोप है लेख वहां पर कुछ गोताखोर मौजूद थे।
जब उनसे मदद के लिए कहा गया तो उन्होंने पहले दस हजार रुपये की मांग की। उन्हें वॉलेट एप के जरिए पैसे ट्रांसफर किए गए। तब जाकर उन्होंने स्टीमर से तलाश शुरू की मगर तब तक आदित्य वर्ध लापता हो चुके थे। आदित्य वर्धन सिंह के दोस्तों प्रदीप और योगेश्वर ने बताया कि उनकी पत्नी शैलजा मिश्रा माहाराष्ट्र में जज हैं । उनकी 12 वर्षीय बेटी है जो मां के साथ महाराष्ट्र में रहती है।
आदित्य के चचेरे भाई अनुपम सिंह बिहार सरकार में वरिष्ठ आईएएस हैं और नीतीश कुमार के सचिव हैं। मगर दोपहर में जैसे ही यह सूचना फैली वहां पर मौजूद पुलिस सक्रिय हो गई और उसने गोताखोर से रुपये वापस करा दिए। रविवार सुबह से फिर से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।