चंडीगढ़ : आप पार्टी में उस समय शोक की लहर छा गई, जब वरिष्ठ नेता प्रदीप छाबड़ा के निधन की खबर सामने आई। बताया जा रहा है कि प्रदीप छाबड़ा कई दिनों से काफी बीमार थे। इसी के चलते आज उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन के कारण आज नगर निगम की बैठक भी स्थगित हो सकती है। इस खबर से पार्टी की समूची लीडरशिप सहित उनके परिवार वालों को गहरा सदमा लगा है। बता दें कि प्रदीप छाबड़ा ने आप पार्टी में शामिल होकर नगर निगम के 14 पार्षदों को जितवाया था, जिसकी शहर में पूरी तरह से चर्चा थी। ऐसे में छाबड़ा को चंडीगढ़ की राजनीति का चाणक्य भी कहा जाता था।

नगर निगम के पूर्व मेयर के अलावा वह 10 साल तक पार्षद रहे हैं। कांग्रेस में पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल के करीबी रहे लेकिन चार साल पहले जब उन्हें अध्यक्ष पद से हटाया गया तो वह बंसल के खिलाफ मोर्चा खोलकर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए थे। पूर्व मेयर प्रदीप छाबड़ा चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी के 6 सह प्रभारी भी रह चुके हैं। आम आदमी पार्टी में शामिल होने पर उन्होंने दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सामने यह शर्त रखी थी कि आम आदमी पार्टी नगर निगम का चुनाव लड़ेगी। जब छाबड़ा आम आदमी पार्टी में आए तो तभी पहली बार पार्टी ने तीन साल पहले नगर निगम का चुनाव लड़ा।
प्रदीप छाबड़ा की दो बेटियां है। छाबड़ा की पीजीआई में इलाज के दौरान मौत हुई है। इस बार चंडीगढ़ लोकसभा सीट पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन करवाने में भी छाबड़ा की अहम भूमिका रही थी। छाबड़ा यूटी क्रिकेट एसोसिएशन कब अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके साथ ही वह लंबे समय तक ऑल इंडिया एंटी टेररिस्ट फ्रंट में भी काम कर चुके हैं। शहर के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले प्रदीप छाबड़ा सेक्टर 22 और 16 के पार्षद रह चुके हैं। पहले वह सेक्टर 22 में ही रहते थे इस समय वह सेक्टर 44 में रह रहे थे। प्रदीप छाबड़ा 1990 से शहर की राजनीति में सक्रिय थे।
