फतेहगढ़ साहिबः साधूगढ़ व सरहिंद के बीच 2 जून को 2 मालगाड़ियों की टक्कर होने के मामले में जांच रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि लोको पायलट और उनके सहायक को गाड़ी चलाते समय नींद आ गई थी, जिसके कारण वे रेड सिग्नल पर ब्रेक नहीं लगा पाए, जिस वजह से यह हादसा हो गया। इस चपेट में पैसेंजर ट्रेन के दो डिब्बे भी आ गए थे। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यह लापरवाही है और संबंधित अधिकारियों पर बनती कार्रवाई की जाएगी। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जान माल का नुकसान नहीं हुआ था।
हालांकि गाड़ी के डीरेल होने से पूरा मार्ग एक दिन के लिए बाधित रहा था। इस वजह से दो जून को 15 से अधिक ट्रेनों को वाया चंडीगढ़ होकर अंबाला भेजा गया, जबकि लुधियाना-अंबाला के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 04504 और दूसरी ट्रेन 04582 लुधियाना-अंबाला ट्रेन को रद कर दिया था। हादसे में बाद लोको पायलट और सहायक लोको पायलट पलटे हुए ईंजन के अंदर फंस गए थे। जिन्हें मौके पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों ने विंडशील्ड तोड़ कर निकाला था। दोनों घायल अवस्था में भर्ती करवाया गया।
इस ट्रेन के डीरेल होने से चपेट में आई कोलकाता जम्मू तवी स्पेशल ट्रेन में सफर कर रहे तीन यात्री भी चोटिल हुए थे। सो जाने की बात दोनों दोनों घायल ड्राइवरों ने कबूली है। इसके अलावा 22 लोगों के बयान भी जांच टीम ने लिए थे। ट्रेन मैनेजर ने जांच टीम को लिखित में कहा कि अगल लोको पायलट और सहायक लोको पायलट आराम करने के बाद ड्यूटी पर आते तो यह हादसा टल सकता था। लोको पायलटों के संगठन ने रेलवे पर आरोप लगाया है कि स्टाफ में कमी के कारण ट्रेन ड्राइवरों से अधिक काम करवाया जा रहा है। इन ड्राइवरों के रोस्टर चार्ट से पता चलता है कि कि उन्होंने अतीत में लगातार कई ड्यूटी की है जो रेलवे कानून के खिलाफ है।