20 दिन पूर्व जम्मू आर्मी कैंप में हुए भीषण अग्निकांड में झुलस गए थे
ऊना/सुशील पंडित : जिला ऊना के अंतर्गत आते गांव पंडोगा के सैनिक कुलविंदर सिंह (डोगरा रेजीमेंट) जम्मू के आर्मी कैंप में हुए भीषण अग्निकांड के दौरान आग की चपेट में आने के बाद बीते मंगलवार को शहादत प्राप्त कर गए। बीती देर शाम उनका शव अपने पैतृक गांव पंडोगा पहुंचा। जिसके बाद गांव के श्मशान घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान स्थानीय लोगों की आंखे नम हो गईं। कुलविंदर सिंह अपने पीछे पत्नी और 11 व आठ साल के दो बेटे छोड़ गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला ऊना के उपमंडल हरोली के अंतर्गत आते गांव पंडोगा के रहने वाले कुलविंदर सिंह (42)करीब 20 दिन पूर्व जम्मू के आर्मी कैंप में हुए भीषण अग्निकांड में आग पर काबू पाते समय बुरी तरह से झुलस गए। उन्हें तुरंत आर्मी अस्पताल ऊधमपुर में उपचाराधीन करवाया गया था। जहां पता चला कि कुलविंदर 60 प्रतिशत से अधिक झुलस गए हैं। लेकिन उन्होंने हौंसला नहीं हारा। करीब 20 दिनों उनका इलाज चला और सेहत में कुछ सुधार भी लगा। लेकिन मंगलवार को कुलविंदर सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
तदोपरांत सैन्य अधिकारियों द्वारा कुलविंदर सिंह की पार्थिव देह को उनके पंडोगा स्थित निवास पर लाया गया। इस दौरान वीरवार सुबह करीब 11 बजे प्रशासनिक और सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में राजकीय सम्मान के साथ कुलविंदर सिंह की अंतिम विदाई दी गई। कुलविंदर सिंह स्थानीय ग्राम पंचायत व हरोली भाजपा मंडल के प्रधान गुलविंदर सिंह गोल्डी के छोटे भाई थे। जिला प्रशासन की तरफ से एसडीएम हरोली राजीव ठाकुर और डीएसपी हेडक्वार्टर अजय ठाकुर ने जिला प्रशासन की तरफ से शहीद कुलविंदर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।
वहीं पंडोगा ग्राम पंचायत के प्रधान गुलविंदर गोल्डी ने कहा कि उन्हें अपने भाई की शहादत पर गर्व है। देशभक्ति की भावना उनमें शुरू से रही। यही भावना ने उन्हें सेना में सेवा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बेशक इस समय परिवार पर मुश्किल घड़ी है। लेकिन उनके बड़े भाई ने देशसेवा में अपना जीवन त्याग दिया, इसका गर्व पूरे परिवार को जीवन भर रहेगा।