लुधियाना: मातृ खेल कबड्डी के जांबाज रेडर नानक और एकम के बड़े भाई निर्भय हठूरवाला ने आज दुनिया को अलविदा कह दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त खिलाड़ी को सोते समय दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद निर्भय हठूर की मौत हो गयी। यहां बता दें कि डेढ़ दशक पहले मालवे इलाके के ये तीनों भाई दो जाफी और निरभय रेडर इकट्ठे खेलते थे और फिर तथाकथित टीमों को हराकर घर लौटते थे। निर्भय शुरू से ही एक मजबूत रेडर था। 2007-10 वह समय भी था जब गभरू सिरे का खेलता था। बड़े-बड़े जाफी खूब पीटता था। निर्भय हठूर वाले का खेल देखने लायक होता था। उनके खेल को देखकर दर्शक उनसे प्यार करते थे। एक समय ये परिवार बुरे वक्त और गुरबत के चक्र में फंस गया था। उस समय किसी ने इस परिवार की सार नहीं ली और किसी ने हाथ नहीं पकड़ा।

पिता का सिर पर साया न होने के कारण घर की कामकाज की जिम्मेदारी निर्भय ने अपने सिर ले ली। एकम और नानक का पालन-पोषण अच्छे से हुआ और मेहनत से पढ़-लिखकर सरकारी नौकरी भी हासिल कर ली। नानक वीर अक्सर कहा करते थे कि अगर निर्भय ने उन्हें न संभालता तो रुल जाते। घर के गुजारे के लिए कहीं दिहाड़ी कर रहे होते। तीनों भाइयों में आपस में बहुत प्यार था, लेकिन देर रात सोते समय अचानक दिल का दौरा पड़ने से निर्भय ने सभी को हमेशा के लिए छोड़ गया।