चंडीगढ़: भुलत्थ से कांग्रेस के विधायक सुखपाल खेहरा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां सुखपाल खैहरा ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए इस आदेश को रद्द करने की मांग की है। अपनी याचिका में खेहरा ने कहा है की उन्हें इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली हुई है, बावजूद इसके उन्हें इस मामले में गिरफ्तार करना ना सिर्फ गलत है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उलंघन भी है।पिछले वीरवार को जस्टिस विकास बहल ने निजी कारणों से सुनवाई से इनकार करते हुए याचिका को मुख्य न्यायाधीश को रेफर कर दिया था।
जिसके बाद आज याचिका पर जस्टिस अनूप चितकारा ने सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर कल तक जवाब दाखिल करने के आदेश दे दिए हैं। एनडीपीएस के 2015 में दर्ज मामले में एसआईटी द्वारा की गई गिरफ्तारी व निचली अदालत द्वारा उनकी हिरासत बढ़ाने के आदेश को खेहरा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए चुनौती दी थी। इसके साथ ही उन्हें इस मामले में जमानत पर रिहा करने की भी अपील की गई थी। खेहरा ने कहा था कि उनके खिलाफ राजनीतिक द्वेष के कारण यह कार्रवाई की जा रही है।
खेहरा ने अपनी याचिका में गिरफ्तारी को अवैध करार देते हुए इस कार्रवाई को रद्द करने की मांग की है। इसके साथ ही उनको न्यायिक हिरासत में भेजने के निचली अदालत फैसले को भी रद्द करने की मांग की। खेहरा को 2015 के ड्रग्स मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 2021 में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किया गया था। 2022 में उन्हें जमानत मिल गई थी। फरवरी 2023 में शीर्ष अदालत ने ड्रग्स मामले में खेहरा के खिलाफ समन आदेश को रद्द कर दिया। खेहरा को 28 सितंबर को पंजाब पुलिस ने उनके चंडीगढ़ स्थित आवास से गिरफ्तार किया था।