पठानकोटः जिले के सिविल अस्पताल सुर्खियों में है। अस्पताल में एक गरीब परिवार की महिला की डिलीवरी करने के बजाय उसे रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों का कहना था कि जच्चा-बच्चा में से किसी को एक को ही बचाया जा सकता है। पैसे न होने पर जब परिवार साइकिल रिक्शा पर महिला को घर ले जाने लगा तो बीच बाजार में उसने बच्चे को जन्म दे दिया। मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। मामले की जानकारी देते हुए पीड़ित ज्योति कुमारी डिलीवरी के लिए अपनी सास के साथ सिविल अस्पताल पहुंचीं। वहां के स्टाफ ने यह कह कर रेफर कर दिया कि केस काफी खराब है, इसलिए हम डिलीवरी नहीं करा सकते हैं।
ज्योति ने बताया कि जब वह अस्पताल पहुंचे तो वहां पर सबसे पहले स्टाफ ने उन्हें अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए कहा। जब वह अल्ट्रासाउंड करवाकर दोबारा स्टाफ के पास आए तो उन्होंने रिपोर्ट देखने के बाद कहा कि इन्हें अमृतसर ले जाएं। कुछ माह पहले सितंबर 2022 को रात के समय सिविल अस्पताल में गर्भवती महिला को डिलीवरी के लिए भर्ती करने से मना कर दिया गया था। इसके बाद महिला ने लेबर रूम के बाहर ही बच्चे को जन्म दे दिया था। इस मामले में डीसी ने जांच के आदेश भी जारी किए थे। इस घटना के विरोध में कई राजनीतिक पार्टियों ने अस्पताल में प्रदर्शन भी किया, लेकिन एक बार फिर ऐसा मामला सामने आ गया है।