ऊना/सुशील पंडित:प्रदेश में आई बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए हिमोत्कर्ष परिषद मुख्यमंत्री राहत कोष में अंशदान करेगी। यह निर्णय रविवार को ऊना मुख्यालय पर हिमोत्कर्ष कार्यालय में संपन्न परिषद की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया। बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए हिमोत्कर्ष परिषद के प्रदेशाध्यक्ष जतिंद्र कंवर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में बरसात के मौसम में भारी बारिश ने भयंकर तबाही मचाई है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में बरसात के चलते जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। हिमोत्कर्ष परिषद ने इसको देखते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष में अंशदान करने का निर्णय लिया है। परिषद अपने सदस्यों व शुभचिंतकों से इसके लिए राशि जुटाएगी तथा उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री राहत कोष में भेजेगी। उन्होंने कहा कि बैठक में परिषद की संगठनात्मक गतिविधियों व विभिन्न प्रकल्पों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में परिषद के द्वारा चलाए गए अमोदनी विधवा राशन वितरण प्रकल्प, हिमोत्कर्ष छात्रवृति योजनाएं, हिमोत्कर्ष एंबुलेंस सेवा, हिमोत्कर्ष महिला प्रशिक्षण संस्थान व अन्य प्रकल्पों के कार्यो की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि परिषद सदस्यों ने विभिन्न प्रकल्पों को लेकर आवश्यक सुझाव भी दिए। वहीं परिषद ने निर्णय लिया कि अगले वर्ष फरवरी माह में परिषद का गोल्डन जुबली वर्ष के रुप में 50वां वार्षिक समारोह धूमधाम से मनाया जाएगा। इसके लिए भी परिषद द्वारा विभिन्न समतियों का गठन कर जिम्मेवारियां दी गई। बैठक में परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पूर्ण लाल शर्मा, दीपशिखा कौशल, प्रदेश महासचिव डा. रविंद्र सूद, नरेश सैनी, जिलाध्यक्ष कर्णपाल सिंह मनकोटिया, कोषाध्यक्ष योगेश कौशल, राज्य कार्यकारिणी सदस्य कर्नल डीपी वशिष्ट, पूजा कपिला, रमा कंवर, जिला कार्यकारिणी सदस्य सुरेश शर्मा, रविंद्र डोगरा, मुनिंद्र अरोड़ा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।