पठानकोट/अनमोलः राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद लगातार पंचायती जमीनों पर हुए अवैध कब्जों को हटाने के लिए मंत्रियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार कदम उठाए जा रहे है। जिससे रसूखदारो द्वारा जिन सरकारी जमीनों पर कब्जा किया गया है उन्हें हटाया जा सके और इन जमीनों को सही तरह से इस्तेमाल में लाया जा सके। लेकिन बीते दिनों विधानसभा हल्का भोआ की पंचायत गोल में करीब 92 एकड़ जमीन की हुई हेराफेरी को लेकर विरोधी दल लगातार राज्य सरकार को घेरते हुए नजर आ रहे हैं।
जहां एक तरफ कांग्रेस की तरफ से राज्य की आम आदमी पार्टी पर सवाल उठाए जा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ अब भाजपा के सीनियर नेता भी इस राजनीतिक लड़ाई में उतरते हुए दिख रहे हैं। इसी के चलते आज पंजाब भाजपा के पूर्व प्रधान अश्विनी शर्मा द्वारा प्रेस वार्ता करते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए है। उन्होंने कहा कि राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद जो सरकारी जमीन खाली करवाई जा रही थी उसके पीछे सरकार की मंशा क्या है। अब वह जाहिर होती दिखाई दे रही है उन्होंने कहा कि उन जमीनों पर जहां रसूखदार ने कब्जा कर रखा था।
वहीं कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने एक-एक, 2-2 मरले जमीनों में अपने आशियाने बनाए हुए थे। जिन्हें राज्य सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों एवं मंत्रियों द्वारा सरकारी जमीन का हवाला देते हुए तोड़ दिया गया, लेकिन आज जो विधानसभा हल्का भोआ के गांव गोल की पंचायती जमीन को लेकर जो बंदरबांट की गई है। उससे राज्य सरकार सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा कि इस सारे मसले में एडीसी को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
जबकि इस सारी प्रक्रिया का स्क्रिप्ट राइटर कोई और है और कलम चलाने वाला कोई ओर। इसलिए हम चाहते हैं कि इस सारे मामले की सीबीआई जांच करवाई जाए और जो भी लोग इसमें शामिल है। जिनके नाम अभी तक इस केस में शामिल नहीं हुए हैं उन पर भी कार्रवाई की जाए।