डेरा बाबा रुद्रानन्द नारी में लगी सुख आश्रय योजना की कार्यशाला भुट्टो रहे मुख्यातिथि
ऊना/ सुशील पंडित : कुटलैहड़ विस क्षेत्र के डेरा बाबा रुद्रानन्द के गांव नारी स्थित लक्ष्मी मैरिज पैलिस में सीएम सुख आश्रय योजना की एक दिवासीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। जिसमें कुटलैहड़ विस क्षेत्र के विधायक देवेन्द्र भुट्टो मुख्यतिथि रहे । भुट्टो ने सम्बोधन में कहा कि सुख आश्रय योजना के तहत ऐसे अनाथ बच्चे जिनके पास रहने के लिए घर नहीं है, उन्हें हिमाचल की सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार द्वारा न केवल 3 बिस्वा जमीन घर बनाने के लिए प्रदान की जाएगी, बल्कि मकान बनाने के लिए ऐसे पात्र बच्चों को 3 लाख रुपए की वित्तीय सहायता भी दी जाएगी, जोकि हिमाचल के इतिहास में सुखविंदर सिंह सुक्खू का ऐतिहासिक निर्णय है। इसके अलावा अनाथ बच्चों के शादी योग्य होने पर उन्हें शादी करने के लिए सरकार द्वारा 2 लाख रुपए की अनुदान राशि भी प्रदान की जाएगी।
उपमंडल के तहत पड़ती ग्राम पंचायत नारी व क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों के प्रधानों, उप-प्रधानों व अन्य समाजसेवी संस्थाओं को एक दिवसीय *मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना* जागरूकता शिविर के दौरान विधायक भुट्टो ने कहीं। देवेंद्र भुट्टो ने कहा कि स्पॉन्सरशिप एवं फोस्टर केयर स्कीम के तहत पात्र अनाथ लाभार्थियों तक इस गरीब हितेषी योजना को पहुंचाना हम सभी का दायित्व बनता है। उन्होंने बताया कि जिला के प्रशासनिक आंकड़ों के आधार पर स्पॉन्सरशिप एवं फोस्टर केयर स्कीम के तहत जिला ऊना में गत वर्ष 200 बच्चों को 93.97 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ऊना जिला में 193 बच्चों को सुख आश्रय योजना के तहत 45 सौ रुपए की सहायता राशि प्रति बच्चा प्रतिमाह प्रदान की जा रही है। वहीं जिला बाल संरक्षण समिति द्वारा इस दिशा में किए जा रहे कार्यों व प्रयासों के बारे में भी चर्चा की गई। भुट्टो ने कहा कि कुटलैहड़ विस क्षेत्र के जिला पार्षद बीडीसी सदस्य प्रधान उपप्रधान वार्ड सदस्य राजनीति से हटकर अपने पंचायत व वार्ड में जो भी अनाथ बच्चे है या फिर जो माता पिता के न होने के कारण रिश्तेदारों में रहते है। उन बच्चों के पूरे कागज़ात बनाकर सीएम सुख आश्रय योजना से जोड़ें। ताकि उन अनाथ बच्चों का भविष्य उज्वल बन सके।
उन्होंने कहा कि सीएम ने सुख आश्रय योजना को धरातल पर उतार कर अनाथ बच्चों को यह बता दिया कि अगर आपके सिर से माता पिता का साया उठ चुका है तो अब राज्य सरकार ही आपकी माता पिता है जो आपके उज्जवल भविष्य के लिए काम करेगी। क्योंकि जीरो से लेकर 18 बर्ष की आयु तक जिन बच्चों के माता पिता नहीं है। उन्हें अलग अलग प्रयोग के तहत प्रति माह 45 सौ रुपये मिलेंगे। जो उनके रहन सहन ओर पढ़ाई का खर्च होगा। भुटटो ने कहा कि प्लस टू के बाद सीएम सुख आश्रय योजना के तहत अनाथ बच्चे जो उच्च स्तर की पढ़ाई करना चाहते है उन्हें सीएम सुख आश्रय योजना के तहत पढ़ाई का खर्च बाद में स्वरोजगार से जोड़ने के लिए 2 लाख ओर अगर मकान नहीं है, तो मकान के लिए 2 लाख ओर अगर जमीन नहीं है, तो 6 मरले जमीन का भी प्रावधान होगा।
भुट्टो ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत 0 से 18 तथा 18 से 27 वर्ष की आयु के अनाथ बच्चों को इस योजना के तहत मिलने वाले लाभ/सहायता के बारे विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने अनाथ बच्चों के लिए मुख्यामंत्री सुखआश्रय योजना शुरू की है। योजना के तहत 18 से 27 वर्ष की आयु तक के अनाथ बच्चों को कवर किया जाएगा जिसके लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी को आवेदन करना होगा। उन्होंने बताया कि जिला बाल संरक्षण इकाई ऐसे सभी अनाथ बच्चों की सुविधा में सक्रिय भूमिका निभाएगी। अनाथ बच्चों की पात्रता जिला बाल संरक्षण अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा प्रमाणित की जाएगी। उसके उपरांत वरीयता के साथ पूरा मामला उपायुक्त को भेजा जाएगा। महिला एवं बाल विकास निदेशालय द्वारा इसके लिए राजस्व अधिकारियों के परामर्श से इस संबंध में आवेदन पत्र तैयार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि उपायुक्त को जिला कार्यक्रम अधिकारी से मामला प्राप्त होने पर भूमि आवंटित करने के लिए सक्षम प्राधिकारी होगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना-2023 के तहत राज्य सरकार द्वारा विभिन्न लाभ प्रदान किए जाएंगे जिसमें सामाजिक सुरक्षा के तहत बाल-बालिका आश्रमों में रहने वाले प्रत्येक बच्चे के लिए आवर्ती जमा (आरडी) खाता खोला जाएगा और जिला बाल संरक्षण अधिकारी के साथ संयुक्त संचालन में खाते आयोजित किए जाएंगे। 0 से 14 वर्ष के बच्चों को एक हज़ार रुपये प्रति बच्चा प्रति माह, 15 से 18 वर्ष 2,500 रुपये प्रति बच्चा प्रति माह, एकल नारी 2,500 रुपये प्रति बच्चा प्रति माह 14 वर्ष से अधिक आयु के बच्चे अपनी आवश्यकता के अनुसार इन खातों से धन निकाल सकेंगे। भुटटो ने कहा कि इस योजना के तहत उत्सव भत्ता 500 रुपये प्रति बच्चा बाल देखभाल संस्थानों, राज्य गृह सह संरक्षण गृह, शक्ति सदन और वृद्धाश्रम के निवासियों के बैंक खाते में मुख्य त्योहार मनाने के लिए हस्तांतरित किया जाएगा। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी सतनाम सिंह जिला बाल संरक्षण अधिकारी कमलदीप सिंह, कुटलैहड़ कांग्रेस कार्यकारी अध्य्क्ष सुरेश शर्मा पंडित,उपाध्यक्ष मनीष शर्मा,शाम चंदेल, सुरिंदर ठाकुर, रोहित रॉकी, गोपाल सैनी, सुमित शर्मा, सहित अन्य विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने भाग लिया।