बठिंडा: थाना कोतवाली से 500 मीटर की दूरी व माल गोदाम रोड पर स्थित शिव नागशेवर मंदिर में रविवार तड़के करीब ढाई बजे दो अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। मंदिर के मुख्य गेट का ताला तोड़ने की वजह चोरों ने लोहे के सीरिए की मदद से गेट के नीचले हिस्से को तोड़ दिया और एक युवक अंदर दाखिल होकर मंदिर में पड़े सभी गोलक तोड़कर उसमें नकदी और एक एलसीडी चोरी कर फरार हो गए। चोरी की पूरी वारदात मंदिर के सामने एक घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। मंदिर में चोरी का पता रविवार सुबह तब पता चला, जब पुजारी मंदिर खोलने के लिए पहुंचे और देखा कि मंदिर का गेट टूटा पड़ा था।
जिसके बाद पुजारी ने मामले की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम के अलावा मंदिर प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों को दी। सूचना मिलने के बाद थाना कोतवाली पुलिस, जीआरपी पुलिस के अलावा फारेंसिंक टीम ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद चोरी की जांच शुरू कर दी है। वहीं सीसीटीवी कैमरे की फुटेज लेकर चोरों की पहचान कर उनकी भी तलाश शुरू कर दी है।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई वारदात के अनुसार रविवार तड़के करीब ढाई बजे दो युवक मंदिर के साथ गुजरती रेलवे लाइनों की तरफ से आए। पहले उन्होंने मंदिर के आसपास देखा, जिसके बाद वह मंदिर के बाहर बैठकर लोहे के सरिए से मंदिर के मुख्य गेट के नीचले हिस्से को तोड़ने लगे। काफी देर तक कोशिश करने के बाद वह गेट के कुछ हिस्से को तोड़ने में सफल रहे।
इसके बाद एक युवक उक्त रास्ते से मंदिर गया और मंदिर के अंदर पड़े सभी गोलक तोड़कर उसमें पड़ी हजारों रुपये की नकदी के अलावा एक एलसीडी चोरी कर ली, जबकि एक युवक मंदिर के बाहर बैठकर रेकी करता। मंदिर से बाहर आने के बाद दोनों युवक रेलवे लाइनों की तरफ फरार हो गए। करीब 50 मिनट तक उक्त लोगों ने पूरी चोरी की घटना को अंजाम दिया। यह पूरी घटना मंदिर के सामने स्थित एक घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
रविवार सुबह घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे थाना कोतवाली के एएसआइ राजिंदर कुमार व फारेंसिक टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया। वहीं फारेंसिक टीम ने गेट पर लगे चोरों के फिंगर प्रिंट उठाकर उनकी जांच शुरू कर दी। एएसआइ राजिंदर कुमार ने बताया कि मंदिर रेलवे की सीमा में होने के कारण मामले की जांच जीआरपी पुलिस कर रही है। पुलिस को सीसीटीवी कैमरे की फुटेज उपलब्ध करवा दी गई है, ताकि चोरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके। मंदिर के पुजारी अनुसार करीब 15 हजार रुपये का हुआ है।