पटियालाः थाना पताडा से दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है। जहां इलाके में पति को नशा करने से रोकने पर पति ने पत्नी पर तेजाब डाल दिया। इस घटना के 20 दिन बाद यानि आज उसकी मौत हो गई। हालांकि पुलिस ने इस मामले में बीते दिन पति के खिलाफ केस दर्ज किया था। 26 जुलाई को मौत होने पर पुलिस ने धाराएं अपडेट करते हुए मृतका बलजीत कौर उम्र करीब 43 साल के पति बूटा सिंह निवासी दुगाल कलां को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी ने 6 जुलाई को अपनी पत्नी पर तेजाब डाल दिया था। इसकी पुष्टि करते हुए थाना पातड़ां के इंचार्ज हरमनप्रीत सिंह चीमा ने कहा कि आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। महिला का 26 जुलाई को समाना सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करने के बाद परिवार को शव सौंप दिया है।
बलजीत कौर उम्र करीब 43 साल ने मरने से पुलिस को अपना बयान दर्ज करवा दिया था। बलजीत कौर के अनुसार, उसकी शादी करीब 22 साल पहले बूटा सिंह के साथ हुई थी। बलजीत कौर मेहनत मजदूरी का काम भी करती है और शादी के बाद परिवार में दो बेटियां व एक बेटा हुआ। पति बूटा सिंह नशे करने का आदी हो गया था और अक्सर ही नशा न मिलने पर घर में झगड़ा करने लगा था।
अक्सर ही झगड़ा के दौरान बूटा सिंह अपनी पत्नी को धमकियां देता था कि उसके चेहरे पर तेजाब फेंक देगा। छह जुलाई को घर पर नशे की हालत में बूटा सिंह ने झगड़ा किया था। झगड़े के बाद देर रात को बलजीत कौर सो रही थी तो उस पर तेजाब डाल दिया। शोर मचाने पर उसका पति मौके से फरार हो गया और परिवार के सदस्यों ने उसे अस्पताल में दाखिल करवाया। पातड़ां से राजिंदरा रेफर की गई बलजीत कौर की हालत गंभीर होने पर उसे पीजीआई रेफर कर दिया, जहां से उसे इलाज के बाद वापिस घर भेज दिया।
उधर, बूटा सिंह ने पत्नी की खामोशी को देख फिर से घर पर आकर उसे धमकाना शुरू कर दिया, जिस वजह से बलजीत कौर ने पुलिस को शिकायत कर दी। पुलिस ने उक्त बयान के आधार पर कत्ल के इरादे से हमला करने का मामला दर्ज किया था लेकिन केस दर्ज होने के अगले दिन मौत होने पर कत्ल की धारा लगा दी है।
घटना के बाद घर से फरार हुए आरोपी ने जहरीली वस्तु पीकर खुदकुशी करने की कोशिश की थी, लेकिन वह बच गया था। आरोपी कुछ समय अस्पताल में दाखिल रहा और छुट्टी मिलने के बाद घर लौटा। उधर घर के लोगों ने आरोपी की हालत देखने के बाद परिवार के लोग चुप कर गए थे लेकिन अस्पताल से घर लौटने के बाद फिर से झगड़ा करते हुए धमकियां देने लगा था।
पुलिस के अनुसार, तेजाब की वजह से जख्मी बलजीत कौर का करीब दो हफ्ते तक इलाज चला। हालात स्थिर होने पर उसके परिवार के सदस्यों ने पारिवारिक झगड़े का हवाला देते हुए पुलिस केस दर्ज नहीं करवाया था।