पठानकोट/अमनोल शर्माः रणजीत सागर डैम की इकाई बैराज प्रोजेक्ट जिसमें पिछले लंबे समय से इस बात को लेकर विवाद चल रहा था कि इस बैराज प्रोजेक्ट में काम करने वाले कुछ लोग नजायज तरीके से नौकरी लेकर काम कर रहे हैं, जिसके लिए बैराज औसती संघर्ष कमेटी भी इस इलाके में स्थानीय लोगों की ओर से बनाई गई और पिछले लंबे समय से यह कमेटी धरने प्रदर्शन करती आ रही थी कि जिन्होंने नजायज तरीके से नौकरियां हासिल की है उनको बाहर निकाला जाए। जिसके बाद प्रशासन व सरकार की ओर से इस पूरे मामले की जांच की गई और जिन लोगों की जमीन इस बैराज प्रोजेक्ट में आने के बाद उन्हें नौकरियां देने की बात कही गई थी उन लोगों को नौकरियां ना मिलकर करीब 32 ऐसे लोग सामने आए जिन्होंने नजायज तरीके से नौकरी हासिल की थी।
जिसको लेकर अब सरकार व प्रशासन की ओर से इन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है, क्योंकि जो जांच सरकार की ओर से की गई थी उसमें यह खुलासा हो गया है कि इन लोगों ने गलत तरीके से नौकरियां हासिल की हैं इस बात का खुलासा चीफ इंजीनियर की ओर से किया गया।
इस बारे में बात करते हुए चीफ इंजीनियर शेर सिंह ने कहा कि कुछ लोगों की ओर से पिछले लंबे समय से डैम प्रशासन के आगे मांग की जा रही थी कि जिनकी जमीन डैम बनाने के लिये अधिग्रहण की गई थी उन्हें नौकरी नहीं मिली और उनकी जगह पर कई और लोग नौकरियां कर रहे हैं जिसको लेकर जब इस पूरे मामले की जांच की गई तो जांच के बाद यह पाया गया कि करीब 32 लोग सामने आए हैं जिनको नोटिस जारी कर दिया गया है और उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है ।