📌 मुख्य बातें
- मोगा की 98 वर्षीय मुख्तियार कौर को सेहत कार्ड के जरिए पूरी तरह मुफ्त कीमोथेरेपी इलाज मिला।
- मुख्यमंत्री सेहत योजना परिवार को सालाना ₹10 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवरेज देती है।
- अब तक 9 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी, 900+ अस्पतालों में 2,300 से ज्यादा मेडिकल पैकेज उपलब्ध।
मोगा, पंजाब | 19 मार्च 2026: पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना एक बार फिर चर्चा में है — इस बार मोगा जिले की 98 वर्षीय मुख्तियार कौर की वजह से, जिन्हें सेहत कार्ड के जरिए पूरी तरह मुफ्त कैंसर उपचार मिला। इस उम्र में कीमोथेरेपी जैसा महंगा इलाज बिना एक पैसे खर्च किए मिलना इस योजना की असली ताकत को उजागर करता है।
बिना देरी शुरू हुआ इलाज, सेहत कार्ड ने किया काम आसान
मुख्तियार कौर का इलाज कीमोथेरेपी से जुड़ी विशेष दवाओं और सहायक चिकित्सा पर आधारित था, जिसके लिए नियमित निगरानी और समय पर चिकित्सीय हस्तक्षेप जरूरी था। अस्पताल में सेहत कार्ड की पुष्टि होते ही इलाज बिना किसी देरी के शुरू हो गया — न कोई भुगतान की चिंता, न कागजी पेचीदगी।
इस उम्र में जहां हर दिन का इलाज जरूरी होता है, वहां कैशलेस सुविधा ने परिवार को यह सुनिश्चित करने दिया कि इलाज से जुड़े सभी फैसले सिर्फ जरूरत के आधार पर हों — पैसों की तंगी के आधार पर नहीं। बुजुर्ग सदस्यों के इलाज में बार-बार अस्पताल आना-जाना और विशेष चिकित्सा का खर्च अक्सर परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। यह योजना इसी खाई को पाटने का काम कर रही है।
“मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सेहत योजना यह सुनिश्चित कर रही है कि पंजाब के बुजुर्ग मरीजों को बिना किसी आर्थिक कठिनाई के समय पर जरूरी चिकित्सा सुविधा मिले और उनकी गरिमा भी बनी रहे। जीवन के इस पड़ाव पर इलाज की उपलब्धता बेहद जरूरी है, और यह योजना परिवारों को आत्मविश्वास के साथ यह देखभाल करने में सक्षम बना रही है।”
— डॉ. बलबीर सिंह, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, पंजाब
मुख्यमंत्री सेहत योजना: क्या मिलता है लाभार्थियों को?
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में शुरू की गई इस योजना के तहत पंजाब के हर परिवार को सालाना ₹10 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवरेज मिलता है। राज्य में 900 से अधिक सूचीबद्ध सरकारी व निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध है और 2,300 से ज्यादा मेडिकल पैकेज के जरिए छोटी से बड़ी हर बीमारी को कवर किया जाता है। अब तक 9 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
पंजाब सरकार राज्य के सभी निवासियों से आग्रह कर रही है कि वे नजदीकी निर्धारित केंद्रों पर जाकर सेहत कार्ड बनवाएं और इस कैशलेस स्वास्थ्य योजना का पूरा लाभ उठाएं।
मुख्तियार कौर का मामला इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि सही नीति और सही इरादे से एक 98 साल की बुजुर्ग महिला भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच सकती है — बिना किसी आर्थिक बोझ के, पूरी गरिमा के साथ।
