ऊना/सुशील पंडित : उपमंडल बंगाणा के उप मंडलीय पशु चिकित्सालय में 21 वीं पशु गणना के कार्य प्रगति के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डा राजेश जंगा ने कहा कि इस पशु गणना का कार्य 98 प्रतिशत पूरा हो चुका है और पशु पालकों से इस गणना में पशुओं की नस्ल, आयु, लिंग आदि की जानकारी एकत्र की गई है। सुपरवाइजर तथा एन्यूमेरेटर, संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आज कार्यशाला के माध्यम से कर्मचारियों का इस कार्य सफलता पूर्वक पूरा करने के लिए धन्यवाद किया गया। डा अभिनव राणा ने बताया कि इस पशु गणना का कार्य मोबाइल एप के माध्यम के पूरा किया गया। डा राजेश जंगा ने कहा इस गणना का उद्देश्य क्षेत्र में पशुपालन की स्थिति का मूल्यांकन करना है। गणना से पशुपालन में नस्ल सुधार के लिए भविष्य में योजनाएं बनाई जाएंगी।पशु गणना से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पशु गणना के दौरान पशुपालकों से पशुओं के स्वास्थ्य, टीकाकरण के बारे में जानकारी ली गई। उन्होंने कहा पशु गणना से न केवल विभाग को बल्कि पशुपालकों को भी लाभ होगा और उनके लिए पशु पालन संबंधित योजना बनाते समय यह आंकड़े काम आयेंगे ।
उन्होंने कहा कि बंगाणा उपमंडल में इस बार पशु गणना का कार्य व्यापक स्तर पर किया गया। विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों ने गांव-गांव जाकर पशुपालकों से संपर्क किया और उनके पशुओं की विस्तृत जानकारी दर्ज की। डॉ. जंगा ने बताया कि यह कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अंतिम आंकड़ों को संकलित किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र के पशुपालकों से पशु गणना में सहयोग करने के लिए धन्यवाद किया।पशु गणना कार्यशाला में जिला ऊना उपमंडल पशु चिकित्सालय बंगाणा के अधीनस्थ कर्मचारी बलबीर सिंह, नरेश कुमार, अर्जुन सिंह , केशवा नंद, नंद लाल, भीम सिंह, राज कुमार, निर्मल सिंह तथा पशु चिकित्सालय लठियानी, पशु चिकित्सालय रायपुर मैदान, पशु चिकित्सालय थाना कलां व पशु चिकित्सालय चौकी मनियार से आए हुए सभी कर्मचारी उपस्थित रहे और उन्होंने विस्तार पूर्वक पशु गणना के कार्य में आई हुई समस्याओं का उल्लेख किया ।
डॉ राजेश कुमार जंगा ने कहा कि इस बार पशु गणना को सफल बनाने में पशुपालकों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अपने पशुओं की सही जानकारी प्रदान की, जिससे यह प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी बन सकी। डॉ. जंगा ने विशेष रूप से पशुपालकों की जागरूकता और सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि पशु गणना के साथ-साथ विभाग ने पशुओं के स्वास्थ्य की भी जांच की और जरूरतमंद पशुओं को ओषधि प्रदान की। डॉ. जंगा ने बताया कि पशुपालकों को भी उनके पशुओं की देखभाल के बारे में जानकारी दी गई, जिससे वे अपने पशुओं को स्वस्थ रख सकें। डॉ. राजेश जंगा ने इस सफल गणना के लिए अपने विभाग की टीम, कर्मचारियों और विशेष रूप से सभी पशुपालकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पशुपालकों के सहयोग के बिना यह कार्य संभव नहीं था और आगे भी इसी प्रकार का समर्थन विभाग को मिलता रहेगा, तो पशुपालन क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया जा सकेगा।
