नालंदाः बिहार के नालंदा जिले के बिहारशरीफ के मघड़ा गांव स्थित माता शीतला मंदिर में चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार को भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से अव्यवस्था की स्थिति बन गई। इससे मची भगदड़ में 8 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग जख्मी बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि घटना में 12 लोग घायल हो गए है। घायलों को इलाज के लिए मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद मंदिर परिसर और अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल रहा। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मंदिर और मेला को बंद करा दिया है तथा स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास जारी हैं।
वहीं लोगों का आरोप है कि पुलिस-प्रशासन का बंदोबस्त मंदिर में ना के बराबर था। इसी बीच कुछ श्रद्धालु दर्शन की जल्दबाजी में कतार तोड़कर एक के ऊपर एक चढ़ने लगे। इससे अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। नतीजा यह हुआ कि शीतला मंदिर में भगदड़ मच गई और लोक एक के ऊपर एक गिरते, चढ़ते चले गए। भगदड़ की सूचना पाकर मौके पर पुलिस पहुंची और हालात को काबू कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मृतकों में से अब तक दो की पहचान हुई है। सकुन्त बिहार निवासी दिनेश रजक की पत्नी रीता देवी (50) और नूरसराय के मथुरापुर निवासी कमलेश प्रसाद की पत्नी रेखा देवी (45)। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
रेखा देवी के पुत्र ने बताया कि उनकी मां मेला देखने गई थीं। “हजारों की भीड़ थी। सूचना मिलने पर हम पहुंचे और अस्पताल लाए, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।” प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शीतलाष्टमी के अवसर पर सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। मंगला मेला के कारण भीड़ और बढ़ गई थी। इसी दौरान अचानक अफरा-तफरी मच गई और लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई। मीडिया से बातचीत में एक महिला ने कहा कि वो पटना से माता के दर्शन के लिए आई थीं। यहां काफी ज्यादा भीड़ थी। प्रशासन ने पूरी व्यवस्था नहीं की थी।
हालत यह हो गई कि लोग एक-दूसरे को धक्का देकर आगे बढ़ने लगे। इसी दौरान घटना हुई। महिला ने कहा कि उनको सूचना मिली की 5 महिलाओं की मौत हो गई। लेकिन कई और लोगों की मौत हुई है। बताया जा रहा है कि इस घटना में घायल लोगों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल मंदिर को पूरी तरह खाली कराया जा रहा है। घटना के बाद भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। बताया जाता है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी नालंदा में ही हैं। वह नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए नालंदा पहुंची हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि संभवतः राष्ट्रपति के कार्यक्रम की वजह से पुलिस-प्रशासन का पूरा ध्यान नालंदा विश्वविद्यालय में होने वाले कार्यक्रम की तरफ था। यह भी एक वजह हो सकती है कि शीतला मंदिर में पुलिस कर्मियों की तैनाती नहीं थी।