गाजीपुर: उत्तर प्रदेश में गाजीपुर के शादियाबाद कस्बा में स्पेशल–26 फिल्म की तरह फर्जी जीएसटी और आईटी ऑफिसर बनकर 7 व्यक्ति दुकानों पर पहुंच गए। इस दौरान कार्रवाई का डर दिखाकर व्यापारियों को धमकाने लगे। जिसके बाद दुकानदार को फर्जी जीएसटी की टीम के अधिकारियों को लेकर शक हुआ और पुलिस को सूचना दी। इस दौरान व्यापारियों ने फर्जी अधिकारियों को पकड़ लिया। व्यापारियों ने फर्जी अधिकारियों की टीम में शामिल महिला सहित कुल 7 लोगों को पड़कर पुलिस के हवाले किया। इस टीम का सरगना सरस गुप्ता मौका देखकर फरार हो गया।
पुलिस ने कार चालक वाराणसी के चोलापुर के रहने वाले अनिल कुमार, 2 बाउंसर, वाराणसी के लहरतारा के रहने वाले रवि पटेल, सुल्तानपुर शिवपुरी के रहने वाले देवा पटेल, गाजीपुर के सादात के रहने वाले सदानंद प्रसाद, यूसुफपुर मोहम्मदाबाद के रहने वाले प्रमोद कुमार, संकेत गुप्ता और सुशीला गुप्ता को गिरफ्तार किया है। घटनाक्रम को लेकर बताया जा रहा है कि इनोवा क्रिस्टा से कुल 8 लोग कस्बे में पहुंचे। यह सभी गाड़ी से नीचे आने के बाद खुद को जीएसटी और इनकम टैक्स के अधिकारी बताने लगे। उन्होंने बताया कि वह लोग लखनऊ से आए हैं। सबसे पहले कस्बा के सीताराम के किराना स्टोर पर पहुंचे। वहां डरा धमका कर 50 हजार रुपये की इन्होंने मांग की। दुकानदार ने किसी तरीके से 10 हजार रुपये दिए। इसके बाद यह लोग सूरज प्रजापति की दुकान पर पहुंचे।
वहां से 3000 रुपए वसूल किए। इसके बाद श्रीनिवास के किराना स्टोर से 30 हजार रुपये की मांग की। वहां रुपये को लेकर दुकानदार और टीम के बीच कहासुनी भी हुई। इन सब गतिविधियों को देखकर दुकानदारों को शक हुआ। इस प्रकरण की जानकारी स्थानीय दुकानदारों ने पुलिस से दी। इसके बाद तथाकथित जीएसटी टीम के सदस्यों को घेर लिया। इस पर फर्जी जीएसटी टीम के लोगों ने ऊपर के अधिकारियों को फोन करने की धमकी देना शुरू कर दिया। खुद को घिरता देख फर्जी टीम का मुख्य सरगना सरस गुप्ता मौके से भाग खड़ा हुआ। इसके बाद पुलिस ने महिला सहित सात लोगों को हिरासत में ले लिया। सभी को थाने बुलाकर पूछता शुरू कर दी। पुलिस ने आजमगढ़ नंबर के इनोवा गाड़ी को भी पकड़ा है।