बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में नवरात्र के दौरान कुट्टू के आटे से बनी पकौड़ी और कचौड़ी खाने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई। तबीयत बिगड़ने से सभी लोगों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां पता चला है कि फूड प्वाइजनिंग के कारण तबीयत बिगड़ी है। इस घटना में महिला, पुरुष और बच्चों समेत कुल 39 लोग बीमार हो गए।सभी मरीजों का इलाज जारी है और फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। व्यंजन खाने के बाद लोगों को उल्टी और चक्कर आने की शिकायत हुई थी। उपवास रखने के बाद श्रद्धालुओं ने कुट्टू के आटे से बनी पकौड़ी और पूड़ी का सेवन किया।
फलाहार के बाद लोगों को उल्टी और चक्कर आने की शिकायत हुई। जिसके बाद शहर के अलग-अलग मोहल्लों में करीब 39 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। देखते ही देखते एक ही परिवार के कई-कई सदस्य बीमार होने लगे। फूड प्वाइजनिंग का असर शहर के मोहन नगर भूड़, स्याना रोड, हीरापुर, राधा नगर, ततारपुर, धमेड़ा अड्डा, मीरपुर ख्वाजपुर और सुशीला विहार में देखने को मिला।
सीएमएस डॉ. प्रदीप राणा के मुताबिक, बीमार पड़े लोगों में सतपाल पुत्र मामचंद (धमरा अड्डा), ममता, मोनिका, ओमवती (मीरपुर), सुभान, देवेश, काजल, मनीष कुमार (सुशील विहार), ज्योति, राणा, हार्दिक, मछला देवी (हीरापुर), रानी (सतला बीवी नगर), मनोरमा (हीरापुर), पवन (हीरापुर), गौरी (कृष्ण नगर), राजकुमार (धमरा अड्डा), अश्वनी कुमार (स्याना रोड), गौरव बिष्ट, निशांत सक्सेना, बीना देवी, सनी, श्वेता, अंशु, कैलाश (राधा नगर), विमलेश, ललित (तातारपुर), पिंकी, कविता (राधा नगर), ममता (दिसपुर), गज्जू, नीलू सिंह (स्याना रोड), सुरेंद्र कुमार, राजेंद्र सिंह (मोहन नगर भूड़), दीया, तनु, जिया, पीयूष शामिल हैं।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम सदर और सीओ सिटी समेत स्वास्थ्य विभाग की टीम जिला अस्पताल पहुंची और मरीजों का हाल जाना। प्रशासन ने बताया कि सभी मरीजों को जनरल वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। एसडीएम सदर दिनेश चंद्र के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए गए हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि कुट्टू का आटा कहां से खरीदा गया था, उसकी सप्लाई कहां से हुई और उसमें किसी प्रकार की मिलावट या खराबी तो नहीं थी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि व्रत के दौरान खाद्य सामग्री खरीदते समय विशेष सावधानी बरतें और केवल विश्वसनीय दुकानों से ही सामान लें। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
