पंचकूला: पुलिस ने फिरौती के मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने 5 करोड़ की फिरौती मांगी थी। क्राइम ब्रांच-19 की टीम ने पुलिस कमिश्नर शिवास कविराज के मार्गदर्शन और डीसीपी क्राइम मनप्रीत सिंह सूदन के नेतृत्व में रेड करके इन आरोपियों को पंजाब से दबोचा था। रिमांड के दौरान इस आरोपियों से एक मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड भी बरामद किया गया है।
इन आरोपियों को अदालत में पेश करके 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। मामले की जानकारी देते हुए अरविंद कंबोज ने कहा कि शिकायतकर्ता ने 25 सितंबर को थाना सेक्टर-7 में शिकायत दी थी। 29 जुलाई को उसको एक पाकिस्तान के नंबर से फोन आया था जिसमें कॉल करने वाले ने उसकी पहचान बताकर फोन काट दिया। इसके बाद 20 सितंबर को उसको वॉयस नोट के जरिए धमकी मिली।
21 सितंबर को उसे अपने घर के लेटर बॉक्स से 5 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग वाला पत्र मिला। पत्र में यह साफ लिखा था कि पैसे न देने पर उसे और उसके परिवार को जान से मार दिया जाएगा। 23 सितंबर को उसे फिर से धमकी दी गई। इसके बाद थाना सेक्टर-7 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) और 304(4) के अंतर्गत मामला दर्ज करके क्राइम ब्रांच-19 को रिपोर्ट सौंपी गई थी।
डीसीपी क्राइम मनप्रीत सिंह सूदन के नेतृत्व में क्राइम-ब्रांच 19 के इंचार्ज मुकेश कुमार और जांच अधिकारी एएसआई ने मामले की जांच शुरु की। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने 26 सितंबर को पहले आरोपी सुखविंद्र सिंह को अनाज मंडी जिला लुधियाना (पंजाब) से काबू किया। पूछताछ में उसने यह कबूल किया कि अपने भाई संदीप सिंह और दोस्त राजेश दुबे के साथ मिलकर फिरौती मांगने की योजना बनाई थी।
इसके बाद पुलिस ने संदीप सिंह और राजेश दुबे को मोहाली के पास सिटी सेंटर से पकड़ लिया। डीसीपी क्राइम ने आगे बताया कि इस मामले में साइबर सेल पंचकूला की टीम ने भी खास भूमिका निभाई। जांच में यह पता चला कि कॉल पर धमकी सुखविंद्र ने दी थी वहीं घर पर धमकी भरा पत्र संदीप और राजेश ने रखा था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध की धारा 111 भी जोड़ दी है।
अदालत से मिले रिमांड में पुलिस ने आरोपियों से हरियाणा और बाकी स्थानों पर की गई फिरौती की वारदातों के बारे में पता किया। उनसे वारदात में लिए गए मोबाइल फोन और सिम भी बरामद किए। पुलिस कमिश्नर शिवास कविराज ने कहा कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।