चंडीगढ़: तीसरे अंतरराष्ट्रीय पंजाबी भाषा ओलंपियाड-2025 के परिणाम आज घोषित किए गए। अंतरराष्ट्रीय श्रेणी में तीसरी-पांचवीं कक्षा में ओस्लो (नॉर्वे) की नियामत कौर बराड़ ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि छठी-आठवीं कक्षा में नैरोबी (केन्या) की सिमरत कौर और नौवीं-बारहवीं में ओस्लो के परमीत सिंह गुरम ने शीर्ष स्थान हासिल किया। पंजाब श्रेणी में अमृतसर की रीनत महल, पटियाला की कारजनित कौर और मोगा के इंदरजीत सिंह ने क्रमशः तीनों कक्षाओं में पहला स्थान प्राप्त किया। अन्य राज्यों की श्रेणी में दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ के छात्र-छात्राओं ने शीर्ष स्थान हासिल किया।
पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने विजेताओं और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि 2.25 लाख से अधिक छात्रों की भागीदारी राज्य सरकार के मातृ-भाषा समर्थक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि ओलंपियाड केवल एक प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि छात्रों में अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक पहचान के प्रति गर्व और आत्मविश्वास पैदा करने का माध्यम था।
पी.एस.ई.बी. के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने बताया कि ओलंपियाड में फेस रिकग्निशन तकनीक का उपयोग करके पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनाई गई। 2,25,276 रजिस्ट्रेशन में से 20,327 छात्र दूसरे चरण में, 4,009 छात्र अंतिम चरण में और 3,748 छात्र 23 दिसंबर, 2025 को अंतिम परीक्षा में शामिल हुए। विजेताओं को कुल 3.30 लाख रुपए के पुरस्कार दिए जाएंगे, साथ ही अधिकतम भागीदारी करने वाले स्कूलों को भी सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने पुष्टि की कि भविष्य में भी ऐसी गतिविधियां बड़े पैमाने पर आयोजित की जाएंगी, ताकि नई पीढ़ी को उनकी भाषा और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ा जा सके।