मेक्सिकोः आजकल सोशल मीडिया की वजह से बच्चे खुद को बड़ा समझकर ऐसी हरकतें करने लगते हैं, जिनसे उन्हें खतरा होता है। वो ये नहीं समझते कि कुछ चीजें उम्र पर निर्भर करती हैं। ऐसा ही कुछ एक मेक्सिको की लड़की ने भी किया। 14 साल की लड़की की मौत हुई। उसकी मौत संदिग्ध हालत में हुई और पिता को अस्पताल से बताया गया कि वो बीमारी की वजह से मरी है। मगर जब अंतिम संस्कार के वक्त पिता ने गौर से लाश देखी, तब सो समझ गया कि मामला तो कुछ और ही है। मेक्सिको के दुरांगो शहर में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां 14 वर्षीय पलोंमा निकोल अरेलानो एस्कोबेडो की मौत हो गई।
आधिकारिक तौर पर उनकी मौत का कारण सांस लेने से संबंधी बीमारी से हुई जटिलताओं को बताया गया। जानकारी के अनुसार 14 साल की बच्ची बच्ची की कथित तौर पर ब्रेस्ट सर्जरी के बाद मौत हो गई। उसके पिता ने दावा किया है कि इस सर्जरी के बारे में उन्हें जानकारी नहीं दी गई। द सन की एक रिपोर्ट में बताया गया कि किशोरी की पहचान पालोमा निकोल अरेलानो एस्कोबेडो के तौर पर हुई है। पिता के दावों के बाद मामले में जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, इस सर्जरी के करीब एक हफ्ते के बाद 20 सितंबर को किशोरी की मौत हो गई।
हालांकि, उनके मृत्यु प्रमाणपत्र में मौत की वजह सांस से जुड़ी समस्या को बताया गया है। हालांकि, मृतक किशोरी के पिता का दावा है कि उनकी बेटी की मौत की जिम्मेदार कॉस्मेटिक सर्जरी ही है। मृतका के पिता कार्लोस का कहना है कि सच्चाई को छिपाने के प्रयास में उसके मृत्यु प्रमाण पत्र में मौत की वजह बीमारी को बताया गया है। पिता ने यहां तक दावा कर दिया कि उन्हें अपनी बेटी की सर्जरी के बार में अंतिम संस्कार के समय तक नहीं पता था। जब उन्होंने उसके शरीर पर घाव के निशान को देखा और स्तन प्रत्यारोपण देखा, फिर उनका शक गहराया।
मृतका के पिता ने अधिकारियों पर भी गहरा शक जताया है। उन्होंने कहा अधिकारियों मृत्यु प्रमाण पत्र तुरंत मुझे दे दिया। मुझे यह नहीं समझ आया कि उन्होंने इतनी जल्दी इसको कैसे बना लिया। इसके बाद किशोरी के पिता ने एक शिकायत भी दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने जवाबदेही की मांग की है। उनका कहना है कि मैं मांग करता हूं कि सभी ज़िम्मेदार लोगों की जामच की जाए। मेक्सिको के अधिकारियों ने इस मामले को लेकर पुष्टि करते हुए बताया कि वे पालोमा की मौत और कथित ऑपरेशन से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं। यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि यह प्रक्रिया कहां और किन परिस्थितियों में की गई।