ऊना/सुशील पंडित: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) ऊना ने 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2024 तक “स्वच्छता ही सेवा-2024” का आयोजन किया। इस दौरान संस्थान स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए और बाहरी गतिविधियाँ भी की गईं।
संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौर ने बताया कि हमारे संस्थान में स्वच्छता ही सेवा अभियान की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने संस्थान के सभी लोगों से आह्वान किया कि वे कैंपस के अंदर और बाहर का वातावरण स्वच्छ और प्लास्टिक-मुक्त बनाए रखें। साथ ही, उन्होंने सलाह दी कि स्वच्छता गतिविधियों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बना लें ताकि एक साफ और स्वस्थ वातावरण प्राप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि हर साल 100 घंटे, यानी प्रति सप्ताह दो घंटे स्वच्छता के लिए समर्पित करें।
यह स्वच्छता अभियान पूरे हॉस्टल में चलाया गया, जिसमें सभी छात्र, कर्मचारी और फैकल्टी सदस्य शामिल हुए। कचरे का सही तरीके से संग्रहण और निपटान किया गया।
संक्षेप में, हमारे संस्थान ने “स्वच्छता ही सेवा” के तहत एक स्वच्छ कैंपस की दिशा में विभिन्न गतिविधियों को लागू किया, जो शिक्षा मंत्रालय की गाइडलाइंस के अनुसार समाज से जुड़े विभिन्न सामाजिक-आर्थिक मुद्दों के लिए फायदेमंद हैं।