Health Tips: दिवाली और अन्य त्योहारों के मौके पर पटाखों का धूमधाम से इस्तेमाल होता है, लेकिन इसके साथ ही इसके दुष्प्रभाव भी नजर आते हैं। पटाखों से निकलने वाला धुआं कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। इस प्रदूषण से बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा, हृदय रोग, एवं फेफड़े संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए खतरा और भी बढ़ जाता है।
पटाखों के धुएं से होने वाली प्रमुख बीमारियां:
अस्थमा और सांस संबंधी समस्याएं
पटाखों के धुएं में मौजूद हानिकारक गैसें और कण वायु को प्रदूषित कर देते हैं, जिससे सांस लेने में तकलीफ, अस्थमा के अटैक और छाती में जकड़न जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

दिल की बीमारियां
पटाखों से निकलने वाले सूक्ष्म कण हृदय पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं, जिससे दिल के दौरे या हृदय संबंधी अन्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

फेफड़ों का संक्रमण
पटाखों से निकलने वाला धुआं फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है, जिससे लंबे समय तक फेफड़ों की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

आंखों और त्वचा की समस्याएं
पटाखों का धुआं आंखों में जलन, खुजली और पानी आने जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। साथ ही, त्वचा पर भी एलर्जी या रैशेज हो सकते हैं।

कैसे रखें अपना स्वास्थ्य सुरक्षित:
मास्क का इस्तेमाल करें: अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो मास्क पहनें ताकि धुएं से बचा जा सके।
घर में रहें: पटाखों के समय बाहर न जाएं और अपने घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें।
ध्यान दें: अगर आप अस्थमा या दिल के मरीज हैं, तो अपनी दवाइयां साथ रखें और किसी भी तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
नेचुरल उपायों का सहारा लें: घर में एयर प्यूरीफायर लगाएं या तुलसी, पुदीने और अजवाइन जैसी जड़ी-बूटियों का सेवन करें, जो प्रदूषण के दुष्प्रभाव को कम करने में सहायक हो सकती हैं।
त्योहार की खुशियां मनाएं, लेकिन स्वस्थ रहें
पटाखों के धुएं से बचने के लिए सावधानी बरतें और दूसरों को भी जागरूक करें। स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी संपत्ति है, इसलिए इस त्योहार पर जिम्मेदारी से व्यवहार करें।
