मुंबई। आंध्र प्रदेश में तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद वाले लड्डू में जानवरों की चर्बी के इस्तेमाल वाली रिपोर्ट आने बाद से मचा सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच आंध्र प्रदेश के तिरुपति में स्थित तिरुमाला बालाजी मंदिर के लड्डुओ में एनिमल फैट के अंश मिलने के बाद मंदिरों के प्रसाद को लेकर लोगों में उबाल आ गया है। मुंबई के प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक मंदिर के महाप्रसाद में भी चूहे के बच्चे पाए गए हैं।
सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं को बांटे जाने वाले ‘महाप्रसाद लड्डू’ के पैकेट में चूहे पड़े दिखे है। इस बीच मंदिर प्रशासन ने मामले की जांच कराने की बात कही है। मुंबई के मशहूर देवस्थान श्री सिद्धिविनायक मंदिर की चौंकाने वाली एक तस्वीर सामने आई है। जिसमें मंदिर के महाप्रसाद में चूहे के बच्चे देखे जा सकते हैं। इन तस्वीरों पर मांगी गई सफाई पर मंदिर ट्रस्ट की सचिव वीणा पाटिल ने कहा है कि इन तस्वीरों की पड़ताल करनी पड़ेगी। CCTV फुटेज भी चेक किए जाएंगे।
लैब टेस्ट के मुताबिक, महाप्रसाद के इन लड्डुओं को 7 से 8 दिन तक सुरक्षित रखा जा सकता है हालांकि, लड्डुओं में चूहे के बच्चे पाए जाने की तस्वीरें आने के बाद मंदिर के भीतर हाइजीन और प्रसाद की शुद्धता को लेकर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
मंदिर ट्रस्ट की सचिव वीणा पाटिल ने मामले बारे बताया कि ऐसा पहली नजर में तो नहीं लगता कि ये तस्वीरें सिद्धिविनायक मंदिर की हैं। ये तस्वीरें मंदिर के अंदर की ही हैं, ऐसा भी नहीं लग रहा है। इस वीडियो के सबूत भी हमें दिया जाए। हम इसकी जांच हमारे प्रशासकीय स्तर पर करेंगे।
