पति की मौत के बाद विधवा महिला को नहीं मिल पाई पेंशन…

0
54

पेंशन की हकदार बनी लिविंग रिलेशन में रहने वाली महिला…
बद्दी(सचिन बैंसल):- बरोटीवाला क्षेत्र के बगुवाला गांव की बुर्जग महिला अपने सैनिक पति की पेंशन के लिए दर दर की ठोकरे खाने पर मजबूर है। महिला के बेटे ने इस बारे में सोलजर वैल्फेयर बोर्ड, आर्मी के रिकार्ड आफिस समेत बद्दी के एसपी को पात्र महिला को पेंशन देने की बात कही है। पीडि़त महिला के बेटे ने कहा कि आर्मी ने बद्दी पुलिस को इसकी जांच कराने की जिम्मा सौंपा है लेकिन 3 माह बीत जाने के बाद भी बद्दी पुलिस ने इसकी जांच रिपोर्ट आर्मी कार्यालय को नहीं भेजी है। जिससे विधवा महिला व उसके परिजनों में रोष व्याप्त है। बिधवा महिला रामकली ऊफ प्यारो के बड़े बेटे पीके मेहता ने बताया कि उसके पिता रामजीदास आर्मी में थे। इस दौरान उनका एक सुनिता नाम की महिला से संपर्क हुआ। सुनिता ने पिता के साथ मिल कर अपना नाम भी रामकली रख लिया। यही नहीं एक नाम होने से पिता की पेंशन की भी हकदार हो गई। पिता ने इस पेंशन में सुनिता देवी उर्फ कथित रामकली की फोटो भी लगा दी। अब पिता की मौत के बाद पेंशन असली पत्नि को न मिल कर लिविंग रिलेशन में रहने वाली महिला को मिल रही है। पीके मेहता ने बताया कि वर्ष 2011 से लगातार सुनिता उर्फ रामकली ही पेंशन ले रही है और अब उसके छोटे भाई के साथ मिल कर जमीन भी हड़पने के फिराक में है। जमीन लेने के लिए उसके छोटे भाई ने कई बार मां पर दबाव भी बनाया। तथा कुछ जमीन को हड़पने में वह कामयाब भी हुए। उन्होंने एसपी से विधवा को न्याय दिलाने की मांग की है। पीके मेहता ने यह भी बताया कि पंचायत ने भी लिख कर दिया है कि स्व. रामजीदास की असली पत्नी रामदेवी ऊर्फ प्यारो है। रामदेवी व प्यारो नाम दोनो एक ही है। लेकिन नकली रूप से बनी सुनिता ऊर्फ रामकली उसका फायदा ले रही है। जबकि नकली रामकली के नाम पर हरियाणा में जो संपत्ति है उस पर उसका नाम सुनिता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। एएसपी एनआर शर्मा ने बताया कि उनके पास शिकायत आई है और इसकी जांच बरोटीवाला थाना की ओर से की जा रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here