राम रहीम पर फैसला सुन छलक पड़ी छत्रपति के परिजनों की आंखें, बेटा बोला- कोर्ट के ऋणी हैं…

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पंचकूला। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम और तीन अन्य को विशेष सीबीआइ कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद पत्रकार रामचंद्र छत्रपति का परिवार भावुक हो गया। रामचंद्र छत्रपति के पुत्र अंशुल छत्रपति की आंखें भर आईं। उन्होंने कहा कि 16 साल बाद न्याय मिला है और इससे हम बहुत राहत महसूस कर रहा हूं। हम अदालत के ऋणी हैं। विशेष सीबीआइ अदालत के फैसले के बाद पत्रकारों से बातचीत में अंशुल ने कहा, हमने गुरमीत राम रहीम जैसे ताकतवर दुश्मन के खिलाफ 16-17 वर्षों तक लंबी लड़ाई लड़ी। आज अदालत ने इस फैसला सुनाया और गुरमीत राम रहीम सहित सभी आरोपितों को दोषी करार दिया तो हमारे लिए अपनी भावनाओं पर काबू रखना मुश्किल हो गया। अदालत का फैसला सुनने के बाद मैं भावुक हो गया।

अंशुल ने कहा, मैंने अदालत को धन्यवाद दिया। मैंने जज साहब से कहा कि आप हमारे लिए भगवान का रूप हैं। अदालत ने जो फैसला सुनाया है हम इसके लिए ऋणी हैं। हमें 16-17 साल से उम्मीद थी कि अदालत से न्याय मिलेगा तो बहुत खुशी हुई। उन्होंने कहा कि वह सीबीआइ और उसके अधिकारियों के भी ऋणी हैं, जिन्होंने इतनी मेहनत कर इस केस को मुकाम तक पहुंचाया। उन्होंने कहा, मैं उन लोगों को भी धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने इतने समय तक इस केस में साथ दिया और कंधे से कंधे मिलाकर चले।

उन्होंने कहा कि इस मामले का आरोपित गुरमीत राम रहीम बेहद ताकतवर व्यक्ति था और उससे लडऩा आसान नहीं था। गवाहों का भी ऋणी हूं, जिन्होंने काफी दबावों के बावजूद अदालत में गवाही दी। पूरे मामले के दौरान हमें और गवाहों को काफी दबाव झेलना पड़ा, लेकिन हिम्मत नहीं हारी।

अंशुल ने कहा, आरोपित राम रहीम बहुत ताकतवर था। मेरे पिता ने उसके जैसे व्यक्ति से टक्कर ली और उनको इसमें अपना बलिदान देना पड़ा। उन्होंने कहा कि गुरमीत राम रहीम को कड़ी सजा के साथ आर्थिक दंड भी मिलना चाहिए। उसने कितने ही गुनाह किए। उसने काफी संख्या मे साधुओं को नपुंसक बनाया, काफी संख्या में साध्वियों का शोषण किया। पत्रकारों के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कोर्ट में वीडियो कान्फ्रेंसिंग से पेशी के दौरान गुरमीत राम रहीम के चेहरे पर मायूसी छाई हुई थी। उसकी हालत बहुत पस्त लग रही थी। उसके बाल और दाढ़ी सफेद हो गई है।

मामले में अपनी गवाही से अहम भूमिका निभाने वाले गुरमीत राम रहीम के पूर्व ड्राइवर खट्टा सिंह ने भी कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई। पत्रकारों से बातचीत में खट्टा सिंह ने कहा कि पूरे मामले की सुनवाई के दौरान उन्हें और उनके परिवार को बहुत ज्यादा तनाव व दबाव का सामना करना पड़ा। यह मौत से भी बदतर स्थिति थी। अब कोर्ट के फैसले से बहुत राहत है। खट्टा सिंह ने कहा कि गुरमीत राम रहीम सहित सभी आरोपितों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

बता दें कि अंशुल छत्रपति ने ही कोर्ट में याचिका दायर कर अपने पिता की मौत की सीबीआई जांच की मांग की थी। जनवरी 2003 में अंशुल ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सीबीआई जांच करवाने के लिए याचिका दायर की, जिस पर हाईकोर्ट ने नवंबर 2003 में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। अपने पैतृक गांव दडबी में खेती किसानी करने वाला अंशुल अपनी मां कुलवंत कौर, छोटे भाई अरिदमन और बहन क्रांति और श्रेयसी के साथ अपने पिता को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ते रहे।

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