Part-3 “दर्दे दास्तां ए सिविल अस्पताल” ….

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बंद गेट, पानी की किल्लत, टैस्ट रिपोर्ट लेने के लिए धूप में खड़े मरीज, आराम फरमा रहा स्टाफ…

जालंधर (गुलाटी/विजय)। सिविल अस्पताल दर्दे दास्तां ए के पार्ट-3 में आज हम आपको दिखाएं कि कैसे सिविल अस्पताल के पीछे का गेट बंद कर दिये जाने से आम जनता के साथ साथ मरीजों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिसके कारण गेट पर कुछ समय तक हंगामा होता रहा।

फोटोः अजय

मरीजों का कहना था कि गेट में जान पहचान वालों को तो जाने दिया जा रहा था, लेकिन मरीजों को दूसरे गेट से जाने को कहा जा रहा था। यहां तक कि एक एम्बूलेंस को भी उस गेट से वापिस जाना पड़ा। जब एनकांऊटर टीम मौके पर पहुंची तो बातचीत करने के बाद गेट को मरीजों के लिए खोल दिया गया। इस सबंध में एमएस जसमीत कौर बावा ने कहा कि इस ओर से वाहन कई बार तेजी से आते हैं जिसके कारण मरीजों को खतरा बना रहता है जिसके कारण गेट को बंद किया गया था।

–2. जब एनकांऊटर टीम टैस्ट लैब की रिपोर्ट प्राप्त करने वाली खिड़की पर पहुंची तो वहां पर भी आलम कुछ इस तरह का था कि मरीज अपनी टैस्ट रिपोर्ट लेने के लिए कड़कड़ाती धूप में लाईनों में खड़े थे, यहां तक कि बुजुर्ग व महिलाएं भी अपने बच्चों के साथ धूप में खड़ी हुई थी और कर्मचारी कमरें में शटर नीचे करके पंखे की हवा ले रहा था,

जब उसने कैमरे को देखा तो जल्दी से शटर को उठा कर मरीजों को रिपोर्ट देने लगा। इस संबंध में लाईनों में खड़े मरीजों का कहना था कि उनको एक बजे का टाईम दिया गया था और उनको लाईनों में खड़े आधा घंटा हो गया, लेकिन खिड़की नहीं खोली और कैमरें को देख खिड़की खोली है। इस सबंध में कर्मचारी का कहना था कि उनका टाईम डेढ़ बजे शुरु होता है और हम डेढ़ बजे का इंतजार कर रहे थे।

3. पानी की किल्लत आज भी सिविल अस्पताल में बनी रही मरीज पानी के लिए इधर उधर भटकते रहे, लेकिन उनको पानी बड़ी मुश्किल से इधर उधर घूम कर मिल रहा था।

इस सबंध में एमएस जसमीत कौर बावा का कहना था कि पानी की टंकी गिरने से पाईप में फाल्ट आ गया था जिसको ठीक करवाने के लिए काम चल रहा है और अस्पताल में पानी की पूर्ति करने के लिए फायर बिग्रेड की गाड़ियों से पानी टंकियों में भरवाया जा रहा है और जल्दी ही इस समस्या को हल कर दिया जायेगा।

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