अब कार-बसों में इस्तेमाल होगा नया ईंधन, नहीं होगा….

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 ग्रेटर नोएडा। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने सीएनजी में हाइड्रोजन मिलाकर एचसीएनजी तैयार किया है जो वर्तमान इंजनों पर भी बीएस—6 उत्सर्जन के लगभग सभी मानकों को पूरा करेगा। आईओसीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजीव सिंह ने रविवार को ग्रेटर नोएडा में शुरू हुए तीन दिवसीय सम्मेलन पेट्रोटेक 2019 में बताया कि कंपनी ने सीएनजी में 18 प्रतिशत हाइड्रोजन मिलाकर एचसीएनजी तैयार किया है। यह नाइट्रोजन ऑक्साइड को छोड़कर अन्य सभी प्रदूषकों के मामले में भारत स्टेज-6 पर खरा उतरता है। देश में बीएस—6 अगले साल 01 अप्रैल से लागू होना है।

उन्होंने कहा, इस समय उर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव हो रहे हैं। शेल गैस की प्रौद्योगिकी ने पिछले चार-छह साल में पूरे परिदृश्य को बदल दिया है। इससे कीमतों पर नकारात्मक असर जरूर पड़ा, लेकिन साथ ही दक्षता भी बढ़ी। हो स​कता है कि आने वाले समय में कोई और प्रौद्योगिकी अचानक सामने आ जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में सेक्टर को टिकाऊ उत्पाद पेश करना होगा जो पर्यावरण के अनुकूल भी हो।

मसलन आज के समय में यूरो-6 मानक वाले पारंपरिक वाहन इंजन सीएनजी इंजनों के समान ही कम प्रदूषण करने वाले हैं। हो सकता है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के छाने से पहले ही उनसे ज्यादा दक्ष पारंपरिक इंजन बाजार में आ जाएं। सिंह ने बताया कि एचसीएनजी तैयार करने की आईओसीएल की प्रौद्योगिकी का पेटेंट हो चुका है। जल्द ही दिल्ली में एक डीटीसी बस डिपो से इसकी शुरुआत होगी और उसके बाद इसका विस्तार किया जायेगा।

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