ड्राईविंग ट्रैक पर आरटीए दफ्तर में नहीं रूका एजेंटों का धंधा…

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दो दर्जन के करीब एजेंट और मीडिया कर्मियों के चहेते है सक्रिय…

कई तो प्रैस का आई कार्ड की धौंस देकर दफ्तर के अंदर स्टाफ से फ्री में काम करवा कर कूट रहे है चांदी…

मृतक महिला का जाली दस्तावेेज बनवा कर गाड़ी ट्रांसफर करवाने मामले में चंडीगढ़ से दोबारा जांच शुरू…

जालन्धर (विनोद बिंटा/वरूण अग्रवाल)। ड्राईविंग ट्रैक पर आरटीए दफ्तर में नहीं रूक रहा है एजेंटों का धंधा, एक बजे से पहले ड्राईविंग ट्रैक पर और उसके बाद आरटीए दफ्तर में दो दर्जन के करीब एजेंट और मीडिया कर्मियों के चहेते सक्रिय रहते है, कुछ तो स्टाफ को आई कार्ड की धौंस देकर दफ्तर के अंदर स्टाफ से फ्री काम करवा रहे है। इन लोगों से स्टाफ के मुलाजिम भी परेशान रहते है। जिन स्टाफ के मुलाजिमों की इनके साथ सैटिंग है, इन लोगों के साथ-साथ वह भी चांदी कूट रहे है।
भ्रष्ट और करप्ट मुलाजिमों का काम है कि आम जनता को परेशान करना और उनके दफ्तरों में बार-बार चक्कर लगवाना। आम जनता इस परेशानी से बचने के लिए इन एजेंटों के हत्थे चढ़ते है। जिसका सीधे-सीधे तौर पर एजेंट और मीडिया कर्मियों के चहेते फायदा उठा रहे है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ये लोग गाडिय़ों की आरसी को ट्रांसफर, डुप्लीकेट आरसी, लोन कैंसल जैसे दस्तावेज निकलवाते है। गत दिवस एक मामला प्रकाश में आया था जिसमें एक मृतक महिला का जाली दस्तावेेज बनवा कर गाड़ी ट्रांसफर की गई थी। ये काम एक दिन में ही करवाया गया था।
जब ये मामला सामने आया तो इसकी जांच विजीलैंस तक पहुंची, इस मामले में अब चंडीगढ़ से जांच शुरू की जा रही है। ड्राईविंग ट्रैक और आरटीए दफ्तरों से परेशान लोगों ने इस की शिकायत विधायक राजिन्द्र बेरी से की तो उन्होंने भी आम जनता को राहत दिलवाने को लेकर आवाज उठाई है, लेकिन ड्राईविंग ट्रैक और आरटीए दफ्तरों में एजेंटों और मीडिया कर्मियों के चहेतों का धंधा आज भी जारी है। गौरतलब है कि कुछ समय पहले विजीलैंस ने महानगर में 6 बड़े मगरमच्छों एजेंटों के खिलाफ रिर्पोट बना कर कारवाई के लिए भेजी थी, लेकिन वह रिर्पोट आज तक ठंडे बस्ते में है और वो बड़े मगरमच्छ एजेंट आज भी अपने दफ्तरों में धंधा चला रहे है।

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