कश्यप समाज के लीडर स्व. गोपाल मियां जी को हजारों ने पुष्पअर्पण कर दी श्रद्धाजंलि…

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                                 फोटो (सुशील पंडित)।

पूर्व विधायक के.डी. भंडारी, पूर्व कैबीनेट मंत्री मनोरंजन कालिया, भाजपा नेता महिन्द्र भगत, भाजपा के दिग्गज नेता हुए शोक सभा में शामिल…

जालन्धर (विनोद बिंटा)। कश्यप समाज के लीडर स्व. गोपाल मियां जी जो दुनिया से रूखस्त हो गए और कश्यप समाज को एकजुट होने का संदेश दे कर गए। उनकी आखिरी तम्मना ये भी थी कि कश्यप समाज भाईचारे को एकजुट कर सके और उनका ये संदेश युवा वर्ग ने दिल में लिया है और वह इस संदेश को पूरा करने की ठान रहे है। स्व. गोपाल मियां जी का जन्म 1926 में पाकिस्तान में हुआ था और उन्होंने अपनी आखिरी सांस 1 फरवरी को ली। गोपाल मियां जी की रस्म क्रिया लक्ष्मी पैलेस में हुई और रस्म पगड़ी नरेश कुमार ने की।

यहां उन्हें श्रद्धाजंलि देने को हजारों सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक लोगों ने पहुंच कर उन्हें पुष्पअर्पण करके श्रद्धाजंलि दी। इस शोकसभा में पूर्व विधायक के.डी. भंडारी, पूर्व कैबीनेट मंत्री मनोरंजन कालिया, भाजपा नेता महिन्द्र भगत, भाजपा नेता शीतल अगुंराल, पार्षद दविन्द्र रोनी, रेखा कश्यप व भाजपा के दिग्गज नेता हुए शोक सभा में शामिल हुए और उन्होंने मियां जी के द्वारा किए गए कामों की रचना आए हुए लोगों के सामने रखी।

इस मौके पर पूर्व मेयर सुनील ज्योति, शिव दयाल चुघ, अमरजीत अमरी, राकेश कश्यप, शालीमार, राकेश काला प्रधान, नरेश कश्यप, नरेश काला, परमजीत बल, चरणजीत सिंह चन्नी, प्रकाश सिंह, गुरदयाल सिंह, धरमिन्द्र सिंह पप्पी, दीपक दीपू, नत्था कश्यप, पंकज सरंगल, अजय यादव, महिन्द्र सिंह गुल्लू, तरसेम कपूर, सुदर्शन मोगिंया, विनोद अग्रवाल, रोपसी उप्पल, अमित सांपला, हिमांशु शर्मा, पार्षद अश्वनी भंडारी, रेखा कश्यप, नरेश कुमार, रमन कुमार, दर्शन लाल, साहिल कश्यप, पार्षद परमजीत सिंह बिट्टू, सुभाष अग्रवाल व अन्य शामिल थे।

स्व. गोपाल मियां जी की जीवनी…
स्व. गोपाल मियां जी का जन्म सन. 1926 पाकिस्तान में हुआ। जन्म के बाद उनके जीवन में कई उतराव-चढ़ाव आए। पाकिस्तान के जन्मे मियां जी जालन्धर में आ बसे और मियां जी हिंदू समाज में उस वक्त जाने गए जब उन्होंने पहली बार समाज में रामलीला शुरू करवाई और वह रामलीला में रावण के पात्र का रोल अदा करते थे। मियां जी ने कश्यप समाज को उंचा करने के लिए कई प्रयास किए और वह राजनीतिक में उतर आए। सन 1991 में उन्होंने आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और वह भारी वोटों से विजेता हुए।

कश्यप समाज से जुड़े होने के कारण आजाद उम्मीदवार के तौर पर भारी वोटों से पार्षद का चुनाव जीतना, भाजपा की नजर मियां जी पर भी पड़ी और उन्होंने उन्हें भाजपा में ले लिया। सरकार रहते मियां जी इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट्री भी रहे और डीसी कमेटी में मैंबर भी रहे। जाते-जाते भी वह कश्यप समाज को एक अलग संदेश देकर गए है कि कश्यप समाज एक जुट हो और समाज में अपना एक अलग नाम बना सके। युवा वर्ग ने मियां जी के इस संदेश को माना है और वह मियां जी के बताए संदेश पर चलेंगे।

 

 

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