ऊना में घर-घर जाकर टीबी के मरीज तलाशने का काम शुरू

0
52

ऊना (रोहित शर्मा) जिला ऊना में स्वास्थ्य विभाग ने टीबी के मरीज खोजने का काम  शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री क्षयरोग निवारण योजना के तहत यह कार्य 30 नवंबर तक किया जाएगा ताकि हिमाचल प्रदेश टीबी से मुक्त करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना डॉ. रमन शर्मा ने बताया की स्वास्थ्य विभाग की 186 टीमें घर-घर जाकर टीबी के मरीज खोजने का काम शुरू कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2021 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के तहत ईंट भट्ठों तथा उद्योगों में काम करने वाले कामगारों तथा झुग्गी झोंपड़ियों में रहने वालों सहित विभिन्न स्थानों पर लोगों की जांच की जाएगी। इसके अलावा इस अभियान के अन्तर्गत घर-घर जाकर स्वास्थ्य कार्यकर्ता व आशा वर्कर संभावित मरीजों के बलगम के नमूने एकत्र करेंगे।
टीबी की बीमारी के लक्षणों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि यदि किसी को भी दो हफ्ते से ज्यादा समय तक लगातार खांसी हो या खांसी के साथ बलगम या खून आता हो, भूख कम लगती हो, लगातार वजन कम हो रहा हो तथा शाम के समय बुखार आना, सांस फूलना लक्षण हो सकते हैं। किसी भी व्यक्ति में ऐसे लक्षण पाए जाते हैं तो वे तुरंत अपनी बलगम की जांच करवाएं। इस बीमारी की जांच व उपचार पूरी तरह से निशुल्क उपलब्ध है।
इस मौके पर डॉ. विनोद चौधरी, जिला स्वास्थ्य आधिकारी डॉ. निखिल शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम पाल शर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अजय अत्री, चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंदु भरद्वाज, डॉ. सुषमा शर्मा, डॉ. सुदेश शर्मा, फार्मासिस्ट राम मूर्ति, संजीव कुमार, हरिंदर सिंह, रणजीत सैनी व गुलशन शर्मा भी उपस्थित रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here