टैक्सपेयर के लिए Good News! पढ़ें…

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नई दिल्ली। अगर कोई टैक्सपेयर अपने एक से ज्यादा फ्लैट्स की बिक्री से प्राप्त लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस से देश के अंदर तय समय सीमा में एक आवासीय मकान खरीदता है, तो उसे टैक्स छूट का फायदा दिया जाएगा। इस बात की घोषणा इनकम टैक्स अपीलेट ट्राइब्यूनल (आईटीएटी) ने की है। माना जा रहा है कि ट्राइब्यूनल के इस फैसले से मुंबई के टैक्सपेयर्स को फायदा होगा। अकसर टैक्सपेयर्स 2 घरों को बेचकर एक बड़ा घर खरीदने को तरहीज देते हैं।

इससे पहले इनकम टैक्स अपीलेट ट्राइब्यूनल ने टैक्सपेयर की इस दलील पर रजामंदी जताई कि आईटी ऐक्ट के सेक्शन 54 के तहत एक आवासीय मकान को बेचने से प्राप्त कैपिटल गेंस से देश में एक से ज्यादा रिहायशी मकान खरीदने पर पाबंदी है, हालांकि, एक से ज्यादा रेजिडेंशल हाउसेज की बिक्री से प्राप्त कैपिटल गेंस से एक मकान खरीदने पर कोई पाबंदी नहीं है। बता दें कि अगर किसी ने कम-से-कम दो साल अपने मालिकाना हक में रखने के बाद रेजिडेंशल हाउस को बेच दिया हो तो बिक्री से हुए लाभ को एलटीसीजी माना जाता है।

इस लाभ पर इंडेक्सेशन बेनिफिट देकर 20% का टैक्स वसूला जाता है। बता करें इनकम टैक्स ऐक्ट के सैक्शन-54 की तो इसमें कहा गया है कि अगर निवेश देश में तय समयसीमा के अंदर एक घर की खरीद में किया गया हो तो एलटीसीजी का एक हिस्सा टैक्स फ्री हो जाता है। इस पर आईटीएटी ने कहा कि सेक्शन 54 का प्रावधान किसी भी संख्या में रिहायशी मकानों की बिक्री से प्राप्त कैपिटल गेंस से एक मकान खरीदने पर लागू होता है, बशर्ते यह सही तरीके से और तय समयसीमा में किए जाएं।’

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