बद्दी-नालागढ़-परवाणू-कालाअंब-डमटाल व सुंदरनगर सबसे प्रदूषित शहर…

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आईआईटी कानपुर की सर्वे रिपोर्ट में हुआ खुलासा…

बद्दी। सचिन बैंसल। हिमाचल प्रदेश के बद्दी-नालागढ़-परवाणु-कालाअंब-डमटाल व सुंदरनगर शहर सबसे प्रदूषित शहरों की श्रेणी में आ चुके हैं। इन शहरों में उद्योगों के अतिरिक्त कई अन्य कारणों से प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। यह खुलासा आईआईटी कानपुर की वर्ष 2011 से 2015 के बीच हुए सर्वेक्षण रिपोर्ट में किया गया है। औद्योगिक शहर बद्दी के बीबीएनआईए कॉ पलेक्स में प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की विशेष चिंतन बैठक में इस रिपोर्ट को पेश किया गया। आईआईटी कानपुर की रिपोर्ट के अनुसार इन छह शहरों का प्रदूषण उद्योगों के अतिरिक्त टूटी सड़कें, सड़कों के कच्चे किनारे, कचरे का खुले स्थानों पर जलाया जाना, वाहनों का अत्यधिक बोझ, गाडिय़ों का ध्वनि प्रदूषण, कबाड़ डीलर व स्लम एरिया के कारण भी लगातार बढ़ रहा है।

आईआईटी कानपुर की इसी रिपोर्ट को आधार बनाते हुए प्रदूषण बोर्ड की ओर से वीरवार को बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया। जिनसे उक्त शहरों के प्रदूषण को नियंत्रित करने को लेकर एक सुझावों का एक ड्राफ्ट देने को कहा गया है। विशेष बैठक की अध्यक्षता प्रदूषण बोर्ड के अधिक्षण अभियंता प्रवीण गुप्ता व विशिष्ठ अतिथि के तौर पर बीबीएनडीए के ज्वाइंट सीईओ राजीव कुमार मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त बैठक में बीबीएनआईए अध्यक्ष शैलेश अग्रवाल, महासचिव वाईएस गुलेरिया, वर्धमान गु्रप अध्यक्ष आईजेएमएस सिद्धु, अधिशाषी अभियंता बृज भूषण, एसडीओ अतुल परमार, जेई अनिल रावत, जेई नगर परिषद राकेश कांत, डीएसपी परवाणू अनिल, एलयूबी संगठन सचिव रणेश राणा, प्रैस क्लब अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

सुधार को सभी विभागों से बनाएंगे तालमेल-प्रवीण गुप्ता

प्रदूषण बोर्ड के अधिक्षण अभियंता प्रवीण गुप्ता ने कहा कि हिमाचल के इन छह शहरों में प्रदूषण की मात्रा कम करने को लेकर गंभीरता से प्रयास होंगे। इसके लिए सभी संबंधित विभागों के साथ तालमेल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कार्य अकेले प्रदूषण बोर्ड के लिए संभव नहीं है। सभी को इसके लिए प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि उद्योगों पर भी प्रदूषण को नियंत्रित करने का दबाव बनाया जाएगा।

बैठक को इन विभागों ने किया नजर अंदाज

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की इस अहम बैठक को लेकर कई विभाग अनुपस्थित रहे। बोर्ड की ओर से आमंत्रित होने के बावजूद निदेशक पर्यावरण शिमला, आरटीओ नालागढ़, आरटीओ सोलन, बद्दी पुलिस, परवाणू नगर परिषद, नालागढ़ नगर परिषद, नेशनल हाईवे विभाग से कोई भी बैठक में शामिल नहीं हुआ। साफ जाहिर है कि उक्त विभाग हिमाचल के इन शहरों की स्वच्छता को लेकर आरंभ किए जा रहे इस प्रयास के लिए अपनी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।

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